जीवाजी यूनिवर्सिटी में ठगों का गठजोड़:JU से पांच साल में 13 डॉक्टर के नाम से निकाली गईं डुप्लीकेट मार्कशीट, डिग्री

लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर में फर्जी तरीके से एक डॉक्टर के नाम से डुप्लीकेट मार्कशीट, डिग्री निकालकर महाराष्ट्र के कई शहरों में डॉक्टरी करने के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। पांच साल में जीवाजी यूनिवर्सिटी से 13 डॉक्टरों की डुप्लीकेट डिग्री और मार्कशीट निकाली गई हैं। यह आंकड़ा मिलने के बाद अब पुलिस ने 13 डॉक्टरों के नाम मांगे हैं जिनके नाम से डुप्लीकेट मार्कशीट और डिग्री के आवेदन हुए थे।

सोमवार को यह नाम पुलिस को मिल जाएंगे, जिसके बाद इस मामले में एक बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है। पर इन सब के बीच एक बात तो साफ हो गई है कि डुप्लीकेट मार्कशीट, डिग्री के बल पर फर्जी डॉक्टरी करने वालों का ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी से गहरा गठजोड़ है। ऐसा भी पता लगा है कि ज्यादातर आवेदन करने वाले महाराष्ट्र के ही थे। ऐसे में एक डुप्लीकेट मार्कशीट, डिग्री के बल पर फर्जी तरीके से अन्य प्रदेशों में डॉक्टरी करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हो सकता है।

नाम मिलते ही होगा बड़ा खुलासा
पुलिस को JU ने यह तो बता दिया कि पिछले पांच साल मंे यूनिवर्सिटी ने 13 डॉक्टर के नाम से आए आवेदन पर डुप्लीकेट मार्कशीट व डिग्री दी है। पर अभी इन 13 डॉक्टर के नाम नहीं बताए हैं। शनिवार और रविवार अवकाश होने के कारण नाम अब सोमवार को मिल पाएंगे। सोमवार को 13 नाम सामने आने के बाद पुलिस इन 13 डॉक्टरों से संपर्क कर डुप्लीकेट मार्कशीट व डिग्री के बारे में पूछताछ करेगी। जिसके बाद स्थिति साफ हाे सकेगी। पुलिस को आशंका है कि इसमें से 90 फीसदी आवेदन फर्जी होंगे। यदि पुलिस की आशंका सही निकलती है तो एक बड़ा खुलासा होने की दिशा में पुलिस की जांच बढ़ रही है।
ऐसे समझिए पूरा मामला
यहां बता दें कि जालसाज प्रतीक्षा दायमा, मोहम्मद शफीक निवासी मालेगांव महाराष्ट्र को झांसी रोड थाने की पुलिस ने मेडिकल कॉलेज से डॉ. प्रतीक्षा शर्मा के डुप्लीकेट दस्तावेज निकालने के मामले में पकड़ा था। पूछताछ में इसने बताया कि JU से उसने डुप्लीकेट मार्कशीट और डिग्री भी निकाली थी, डिग्री उसने महज 24 घंटे में और मार्कशीट चार दिन में निकाली ली थीं। इसमें उसने किसी कर्मचारी को रिश्वत देने के बारे में भी बताया था, पुलिस मामले की जांच से साथ जालसाजी के आरोप में पकड़ी गई महिला के इन बयानों की पुष्टि भी कर रही है। यूनिवर्सिटी में जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए हैं उसके अनुसार डुप्लीकेट मार्कशीट के लिए प्रतीक्षा हर्ष शर्मा के नाम से आवेदन 6 अक्टूबर 2022 काे ऑनलाइन किया गया, इसके साथ एक शपथ पत्र भी लगाया गया था जिसमें तथाकथित प्रतीक्षा शर्मा ने लिखा है कि मेरी मूल अंकसूची पानी में खराब हो गई है, जीर्णशीर्ण होने से उपयोग करने लायक नहीं रह गई है। इसके बाद उसे 24 घंटे में डिग्री और चार दिन में पूरी मार्कशीट दे दी गई थीं।
मालेगांव, धार, इंदौर पहुंची पुलिस
पुलिस को इस मामले में कुछ बड़ी लीड मालेगांव से मिल सकती है। प्रतीक्षा दायमा व मोहम्मद शफीक मध्य प्रदेश के धार और इंदौर भी गए थे। उनके मोबाइल की लोकेशन यह बता रही है। दोनों की मोबाइल लोकेशन और सीडीआर से पुलिस को पता चला है कि दायमा और शफीक ग्वालियर के अलावा प्रदेश के इंदौर, बड़वानी और धार सहित कई शहरों में गए हैं। वहां जाने का मोटिव क्या था। पुलिस अब इसका भी पता लगा रही है। साथ ही दोनों की ग्वालियर से सीधे लिंक का भी पता लगाया जा रहा है।
पहले डुप्लीकेट डिग्री निकाली फिर मार्कशीट
जालसाज ने पहले डॉ. प्रतीक्षा शर्मा के नाम से आवेदन कर उसकी डुप्लीकेट डिग्री निकलवाई है। इसके बाद वह उसके सभी प्रोफ की डुप्लीकेट मार्कशीट निकलवाई थीं। डिग्री के लिए आवेदन 06 अक्टूबर 2022 में किया गया और 24 घंटे में डिग्री मिल गई। इसके चार दिन बाद उसे सभी डुप्लीकेट मार्कशीट मिल गई थीं। शुरुआती पड़ताल में यह भी जानकारी मिली है कि यह महिला कुलपति सचिवालय के एक अधिकारी से मिली थी और उनसे जल्दी डिग्री दिलवाने का आग्रह भी किया था।

पुलिस का कहना
इस मामले में थाना प्रभारी झांसी रोड शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि जेयू को नोटिस देकर पांच साल मंे MBBS की डुप्लीकेट मार्कशीट व डिग्री के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। जिसमंे जवाब मिला है कि 13 डॉक्टर के नाम से डुप्लीकेट डॉक्यूमेंट जारी हुए हैं। अभी जेयू की तरफ से नाम नहीं दिए गए हैं। उसके बाद ही वैरीफाई किया जाएगा इनमें से कितने फर्जी हैं।

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