लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर में सोमवार सुबह चर्चित कालू गाइड संदिग्ध हालात में किला की तलहटी में पड़ा मिला है। उसकी मौत किले से गिरने के कारण हुई है। कालू गिरा है या कूदा है यह पुलिस जांच कर रही है। जिस एरिया से वह गिरा है वहां किले पर नशेड़ियों व स्मैकचियों का जमाबड़ा रहता है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। कालू के कुछ समय से नशे की गिरफ्त में फंसने का पता लगा है।
कालू ने कभी स्कूल नहीं देखा, लेकिन वह जर्मन, रशियन व फ्रेंच सहित 8 देशी, विदेशी भाषाओं का ज्ञान रखता था। कम उम्र में उसकी इस सोहरत के चर्चे सोशल मीडिया पर हमेशा छाए रहते थे। इस घटना पर कालू के परिजन ने हत्या की आशंका जताई है। कुछ लोकल गाइड द्वारा परेशान करने की बात कही है।
सोमवार सुबह किला तलहटी के नूरगंज इलाके में पहुंचे लोगों को एक युवक की लाश पड़ी दिखाई दी। लाश देखते ही लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की तो पता चला कि लाश मशहूर गाइड 24 वर्षीय कालू जॉन उर्फ अभिषेक पुत्र राजू जॉन निवासी किला बहोड़ापुर की है। इसका पता चलते ही कालू के परिजन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिजन भी वहां पर आ पहुुंचे और शव की शिनाख्त कालू के रूप में की। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए अफसरों को सूचना दी। सूचना मिलते ही अफसर भी मौके पर पहुंचे और जांच के बाद मर्ग कायम कर लाश को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है।
हिंदी, इंग्लिश, जर्मन, रशियन व फ्रेंच सहित 8 भाषाओं का था ज्ञान
बताया गया है कि कालू पढ़ा-लिखा नहीं था, उसने कभी स्कूल तक नहीं देखा। कालू पहले चाय बेचता था। किले पर आने वाले विदेशी नागरिकों से बातचीत करने के शौक के चलते उसे जर्मन, फ्रेंच सहित करीब आधा दर्जन से ज्यादा भाषाओं का ज्ञान हो गया था। इसके बाद उसने चाय का धंधा छोड़ा और किले पर आने वाले टूरिस्ट को गाइड करने लगा। करीब 10 से 12 साल की उम्र में ही वह गाइड बन गया था। कम उम्र में उसे जर्मन, फ्रेंच व इंग्लिश बोलते हुए देखकर विदेशी पर्यटक भी उसके कायल हो जाते थे। कुछ ही समय में कालू गाइड ग्वालियर किले पर सभी का चहेता हो गया था।
कोविड के बाद सूखे नशे की गिरफ्त में फंस गया था कालू
पुलिस जांच में पता चला है कि दो साल से कालू को स्मैक सहित अन्य तरह के सूखे नशे की लत लग गई थी और शाम होते ही किले पर नशेड़ियों के साथ रहता था। नशे की गिरफ्त में वह कोरोना काल के बाद आया था। कोविड के चलते करीब दो साल तक ग्वालियर किले पर गाइड लेकर पर्यटन का लुफ्त लेने वाले देशी-विदेशी पर्यटक काफी कम आए थे। उस दौरान आर्थिक तंगी के चलते उसके कदम नशे की ओर चल पड़े थे। पुलिस को आशंका है कि नशे के चलते ही उसने किले से कूदकर जान दी है।
दिल्ली, चेन्नई व बेंगलुरू भी विजिट कर चुका था कालू
कुछ महीने पहले कालू का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर चर्चित हुआ था, जिसमें दिखाया गया था कि वो 8 भाषाओं में बात कर सकता था। दरअसल, यह कालू नाम का लड़का ग्वालियर फोर्ट की कहानियों को अंग्रेजी, स्पेनिश और इटालियन, जर्मन, फ्रेंस, रशियन, हिन्दी सहित 8 भाषाओं में सुना सकता था। वायरल हुए वीडियो में कालू के अनुसार वह ग्वालियर फोर्ट के बारे में बहुत ही अच्छे से जानता है और वह वहां का लोकल लड़का है वह कहता था कि वह सिर्फ ग्वालियर फोर्ट ही नहीं बल्कि दिल्ली, चेन्नई और बेंगलुरु भी विजिट कर चुका है। हालांकि यह नहीं बताया गया है कि इसने ये भाषाएं कहां से सीखी है, लेकिन यह अनुमान लगाया जा सकता है कि एक गाइड के रूप में नजर आ रहे इस लड़के को टूरिस्टों के माध्यम से ही इन भाषाओं की ज्ञान हुई होगी ।
हादसा, हत्या या आत्महत्या की जांच शुरू
पुलिस अफसरों का कहना है कि मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच में पता चलेगा कि कालू ने सुसाइड किया है या फिर उसके साथ कोई घटना घटित हुई है। हो सकता है कि नशे के किसी झगड़े में उसे फेंक दिया गया हो। किसी भी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकत है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
भाई ने लगाया हत्या का आरोप
मृतक कालू के भाई नॉरवर जॉन ने पवन व अनिल नाम के दो लोकल गाइड पर कालू को परेशान करने का आरोप लगाया है। उसका कहना था कि शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक वह घर पर ही था। दोनो भाई मां के साथ रहता थे। रात 11 बजे के बाद उसका पता नहीं चला है। रात 3.30 बजे तक परिजन ने उसकी तलाश की है, लेकिन सोमवार सुबह पुलिस की PCR वैन पहुंची और कालू की बॉडी मिलने की बात बताई। परिजन ने हत्या की आशंका जताई है। परिजन का कहना है कि कालू आतमहत्या करने वालों में से नहीं था। उससे लोग वहां टशन रखते थे।
पुलिस का कहना खुदकुशी की संभावना ज्यादा
इस मामले में ग्वालियर थाना प्रभारी सुरजीत सिंह का कहना है कि एक युवक ने किले से कूदकर जान दी है। जिसकी पहचान कालू गाइड के रूप में हुई है। मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।


