लोकमतसत्याग्रह/नगरीय क्षेत्र की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आयुक्त नगर निगम हर्ष सिंह ने नई व्यवस्था बनाई है। उन्होंने समस्या निराकरण के लिए 24 घंटे से लेकर तीन दिन का वक्त देने के लिए कोड वर्ड फाइलों पर डालना शुरू कर दिया है। जिस फाइल या शिकायत पर ‘ए’ लिखा जा रहा है। उसका जवाब तीन दिन में देना होगा।
यदि किसी फाइल पर ‘ए प्लस’ लिखा गया है तो संबंधित अधिकारी को 24 घंटे में शिकायत निराकरण के संबंध में अपना रिमार्क अंकित करना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त एक्शन होगा।
आयुक्त ने हाल में 74 शिकायतों को संबंधित शाखा के अधिकारियों को भेजकर जवाब मांगा है। इसमें सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, महापौर डॉ.शोभा सिकरवार, सभापति मनोज तोमर से लेकर पार्षद और आमजनता की शिकायत की सूची शामिल है। नई व्यवस्था लागू होने से निगम के अफसरों को पहली प्राथमिकता में उक्त कार्य करना पड़ रहा है। क्योंकि इसकी समीक्षा मंगलवार को होने वाली टाइम लिमिट बैठक में आयुक्त कर रहे हैं।
बिल्कुल काम तेजी से होगा
“निगम में जनता के काम और शिकायतों का निराकरण करने के लिए इस तरह के कोड वर्ड बनाए हैं। इससे संबंधित अधिकारी तत्काल काम करके या उसकी रिपोर्ट बनाकर दें।”
–हर्ष सिंह, आयुक्त ननि
कुछ इस तरह के मामले हैं निराकरण को
- सांसद विवेक शेजवलकर ने हस्सू खां सभागार ध्रुपद केंद्र में रहने वाले विद्यार्थियों को साफ पानी, सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी बनाने को कहा है।
- महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने मल्टी स्टोरी एनजी ग्रांड में पेयजल सुविधा देने को कहा है।
- सभापति मनोज तोमर ने लक्ष्मीगंज प्रसूति ग्रह मे दो एसी लगाने, वार्ड-37 में सीवर लाइन चेंबरों की समस्या, जाग्रति नगर के नाले में टूटे स्लीपर बदलने, बुद्धा पार्क में टाइल्स एवं पेवर्स लगाने को पत्र लिखा है।
- उपायुक्त राजस्व ने निगम को पत्र लिखा है कि अवैध कॉलोनी और अवैध कॉलोनाइजर पर कार्रवाई करें।


