लोकमतसत्याग्रह/स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने एक बार फिर नई गाइडलाइन जारी की है। नई निर्देशिका में 9500 अंक रखकर टूलकिट के अनुसार अभी तक सर्वे में जमा होने वाले दस्तावेजों की संख्या को कम कर दिया है। अब केवल घोषणा पत्र व लागबुक के साथ गिनती के दस्तावेज शामिल होंगे। ग्वालियर नगर निगम द्वारा वाटर प्लस व स्टार रेटिंग के लिए दस्तावेज दिए जा चुके हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए काम बाकी है और नई गाइड लाइन के अनुसार निगम को दस्तावेज जमा करने होंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के तहत 1 से 15 जुलाई तक पूरे देश में एक साथ सर्वे किया जाएगा। नई गाइडलाइन के अनुसार स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पहले जहां 150 से 200 फोल्डर लगते थे, वो अब 8 से 10 ही लेंगे। सिटीजन फीडबैक के 600 अंक होंगे। ये सिटीजन वायस श्रेणी का एक अंग है। इसके अलावा इसमें 14 अन्य बिंदु भी हैं।
रोबोटिक मशीनों से सीवर सफाई का दिया डेमो
नगर निगम सीमा में अब रोबोटिक मशीनों के माध्यम से सीवरों की सफाई कराने की तैयारी की जा रही है। सोमवार को हनुमान चौराहे पर जाम पड़े सीवर को जेनरोबोटिक इन्नोवेशन्स कंपनी ने रोबोटिक मशीन के माध्यम से साफ कर उसका डेमोस्ट्रेशन दिया। विगत दिनों सीवर की सफाई करते हुए दो सफाईमित्रों की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद से निगमायुक्त हर्ष सिंह ने सफाई मित्रों को उतारकर सीवर साफ नहीं कराने के निर्देश दिए थे। इसके चलते रोबोटिक मशीन द्वारा सीवर सफाई करने का डेमोस्ट्रेशन जेनरोबोटिक इन्नोवेशन्स कंपनी ने दिया। यह मशीन 25 किलो तक का भार उठा सकती है। इसके साथ ही सीवर के अंदर देखने के लिए मशीन में कैमरे और लाइट भी लगी हुई है। इसके माध्यम से बाहर कर्मचारी अंदर सारी परिस्थिति को देख सकता है। इसके साथ ही यह मशीन सीवर के अंदर मौजूद गैसों के बारे में भी बाहर खड़े कर्मचारी को जानकारी देगी। साथ ही यह मशीन भारत सरकार से भी अप्रूव है।


