लोकमतसत्याग्रह/शहरी आंगनबाड़ियों में पोषण आहार की सप्लाई करने के लिए अब महिला एवं बाल विकास विभाग ने नया टेंडर निकाल दिया है। अब तक जो बच्चों के निवाले में स्व सहायता समूहों की आड़ में घोटाला चल रहा था वह बंद हो जाएगा। समूहों को नेता व ठेकेदार चला रहे थे और एक-एक ठेकेदार के पास सौ से ज्यादा समूह सामने आए थे जिनकी जांच ज्वाइंट डायरेक्टर महिला एवं बाल विकास विभाग कर रहीं हैं। यह जांच पूरी भी हो गई है। ऐसे संदिग्ध समूह सहित लोगों को इस बार नए टेंडर में एंट्री नहीं मिलेगी, इनकी महिला एवं बाल विकास विभाग विशेष निगरानी करेगा। यह शर्तें टेंडर में भी जोड़ी जा रही हैं।
यहां यह बता दें कि बच्चों के निवाले पर हावी नेता-अफसरों के कमीशन के खेल का पर्दाफाश किया था कि आंगनबाड़ी में खाने की सप्लाई का काम करने वाले स्व सहायता समूहों के पीछे नेता व अफसरों का गठजोड़ है। नेता सहित कई लोग आंगनबाड़ी के सैकड़ों समूह चला रहे हैं और जनपद सदस्य बरई ने आन रिकार्डिंग बताया था कि समूहों का पूरा सिस्टम सेट है, सुपरवाइजर व परियोजना अधिकारी के पास एक-एक हजार रुपये प्रति आंगनबाड़ी जाता है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक मार्च 2023 को प्रकाशित समाचार का हवाला देते हुए आदेश जारी किया। आदेश में कहा कि शहरी आजीविका मिशन में पंजीकृत कार्यरत स्व सहायता समूह में जांच सत्यापन के समय पाई गई महिलाओं के नाम सही हैं या नहीं या फिर बदल गए हैं, और पोर्टल पर दर्ज हैं या नहीं, यह जांच किया जाना है। समूह की सक्रिय महिलाओं के आधार कार्ड, वोटर कार्ड व समग्र आइडी साथ लाकर जांच कराएं, जिससे प्रतिवेदन भेजा जा सके।
नेता व ठेकेदारों के हाथ में कमान
स्व सहायता समूहों को चलाने के पीछे एक भाजपा से जुड़े नेता आशीष का नाम भी सामने आया था जिसमें जिला संगठन ने जांच कराने का दावा भी किया था। इन नेता से जुड़े समूहों में किरण स्व सहायता समूह किशनबाग, भारती स्व सहायता समूह काल्पी ब्रिज, उजाला स्व सहायता समूह आपटे की पायगा, राधारानी स्व सहायता समूह बजरिया ढ़ोली बुआ का पुल, गुनगुन स्व सहायता समूह व वैष्णवी शामिल हैं। वहीं कारोबारी जैन से जुड़े समूहों में आराध्य स्व सहायता समूह, राजश्री स्व सहायता समूह, सहारा स्व सहायता, शुभम स्व सहायता व सांई नाथ स्व सहायता समूह का नाम आया था, इनकी जांच की जा रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से नगरीय क्षेत्रों की आंगनबाड़ी के लिए पूरक पोषण आहार की सप्लाई के लिए टेंडर निकाला गया है। ऐसे समूह जो संदिग्ध हैं उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा। इस बार टेंडर की शर्तों में यह शामिल किया गया है। कई समूहों की जांच चल रही है जांच के बाद कार्रवाई भी होगी।
राहुल पाठक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्वालियर


