लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर में मूवी ‘ट्वाइलाइट’ फेम हॉलीवुड एक्टर टेलर लॉटनर का फोटो लगाकर 1.86 करोड़ रुपए की GST की चोरी की गई। फ्रॉड ने एक्टर का फोटो लगाकर स्टेट GST दफ्तर में तृषा ट्रेडर्स नाम से फर्म रजिस्टर्ड करा ली। वेरिफिकेशन के लिए भिंड की मृत महिला के घर का बिजली बिल और किरायानामा लगाया। इसी बोगस फर्म के जरिए 2019 से 2022 तक 29 अलग-अलग फर्म से सामान की खरीदी और बिक्री कर GST की चोरी कर ली।
रजिस्टर्ड फर्म की जांच हुई, तो मौके पर न तो कंपनी मिली और न ही उसका मालिक। पिछले साल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) के अधिकारियों ने केस दर्ज करा दिया था। MP STF और ATS ने जांच की, तब यह खुलासा हुआ। यह भी पता चला है कि आरोपी ने मध्यप्रदेश में ही नहीं, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी बोगस फर्म रजिस्टर्ड करा ली थीं। सभी के रजिस्ट्रेशन कैंसिल कर दिए गए हैं।
मध्यप्रदेश STF के अफसरों ने बताया कि वाणिज्य कर एंटी इवेजन ब्यूरो की ग्वालियर शाखा में पदस्थ राज्य कर अधिकारी अर्जुन सिंह सोलंकी की शिकायत पर तृषा ट्रेडर्स के मालिक साजिद के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान तृषा ट्रेडर्स के रजिस्टर्ड पते पर जब दबिश दी गई, तो संबंधित संस्था का संचालन संबंधित एड्रेस पर नहीं होने का खुलासा हुआ। इस पर फर्म के मालिक साजिद पुत्र नसीम के फर्म रजिस्ट्रेशन के डॉक्यूमेंट्स जांचे गए। रजिस्ट्रेशन फॉर्म में टेलर लाउंटर का फोटो लगा मिला। टेलर लॉटनर को हॉलीवुड मूवी ‘ट्वाइलाइट’ में जैकब ब्लैक के लीड रोल के लिए जाना जाता है।
12 साल पहले मर चुकी महिला के घर का बिजली बिल लगाया
STF सूत्रों ने बताया कि तृषा ट्रेडर्स के कथित डायरेक्टर साजिद ने फर्म को रजिस्टर्ड कराने भिंड के वाटर वर्क्स इलाके में रहने वाली महिला राधा पत्नी विनोद जैन का बिजली का बिल लगाया था। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि राधा जैन की मौत फर्म रजिस्ट्रेशन के 10 से 12 साल पहले हो चुकी थी। इसकी पुष्टि राधा जैन के भतीजे गौरव जैन के बयानों से हुई।
29 फर्म के मार्फत 1 करोड़ 86 लाख से ज्यादा की टैक्स चोरी
जॉइंट कमिश्नर स्टेट टैक्स एंटी इवेजन ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक ग्वालियर में साजिद ने तृषा ट्रेडर्स के जरिए 2019 से लेकर 2022 के बीच 29 अलग-अलग फर्म से सामान की खरीदी-बिक्री की। इन फर्म से सामान की खरीदी और बिक्री दिखाकर 1 करोड़ 86 लाख 45 हजार 662 रुपए की टैक्स चोरी की।
वरुण और उसके साथियों पर 32 करोड़ के घोटाले का आरोप
मध्यप्रदेश GST दफ्तर के अफसरों के मुताबिक तृषा ट्रेडर्स से सामान की खरीदी और बिक्री के मामले में आगरा के वरुण गुप्ता को एमपी ATS ने जून के आखिरी हफ्ते में पूछताछ के लिए तलब किया था। इसके चलते वरुण गुप्ता ने बयान देने के बजाय भोपाल कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया था, जिसे भोपाल कोर्ट ने 26 जून को खारिज कर दिया। उन पर 32 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप है।
ईंट, ब्लॉक, टाइल्स और सिरेमिक कंस्ट्रक्शन मटेरियल की सप्लाई
उत्तर प्रदेश के असगरपुरा (जिला सहारनपुर) का स्थाई निवासी बताकर साजिद ने अपनी फर्म तृषा ट्रेडर्स का रजिस्ट्रेशन GST डिपार्टमेंट में कराया था। साजिद ने GST डिपार्टमेंट में रजिस्ट्रेशन के समय बताया था कि वह ईंट, ब्लॉक, टाइल्स और सिरेमिक कंस्ट्रक्शन मटेरियल की खरीदी का थोक व्यापारी है।
UP, महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कराईं
ग्वालियर में तृषा ट्रेडर्स के नाम से फर्जी दस्तावेज से फर्म रजिस्टर्ड कराने वाले साजिद ने तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी तीन अलग – अलग फर्म रजिस्टर कराई थी। GST दफ्तर के अफसरों के मुताबिक साजिद ने तेलंगाना के दिलकुश नगर के एड्रेस पर कामना इंफ्रा प्रोजेक्ट, उत्तर प्रदेश के कानपुर क्षेत्र के किदवई नगर में राज ट्रेडर्स और महाराष्ट्र के पुणे में सावनी ट्रेडर्स के नाम से फर्म रजिस्ट्रेशन कराया था। चारों ही फर्म में साजिद ने खुद को प्रोपराइटर बताया है।
MP में टाइल्स, ईंट और महाराष्ट्र में स्क्रैप खरीदी का कारोबार
GST नंबर सर्च पोर्टल के मुताबिक साजिद ने ग्वालियर में तृषा ट्रेडर्स के नाम से रजिस्टर्ड कराई कंपनी का रजिस्ट्रेशन थोक कारोबारी के रूप में कराया था। जबकि, कंपनी का बिजनेस वर्क थोक में टाइल्स, सिरेमिक मटेरियल, कच्चा लोहा, ईंट सहित कंस्ट्रक्शन मटेरियल की खरीदी बिक्री का बताया था, लेकिन महाराष्ट्र के पुणे में रजिस्टर्ड सानवी ट्रेडर्स का बिजनेस मॉड्यूल कच्चा लोहा, स्क्रैप और स्टील खरीदना बताया था।
चारों फर्म के रजिस्ट्रेशन कैंसिल
मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में अलग – अलग नाम से रजिस्टर्ड कराई गई बोगस फर्मों के रजिस्ट्रेशन गुड्स एंड सर्विस डिपार्टमेंट ने कैंसिल कर दिए हैं। GST दफ्तर के एक अफसर ने बताया कि विभाग को अब तक चार फर्म रजिस्टर्ड कराने वाला साजिद नहीं मिला है। इसके चलते STF थाना भोपाल में साजिद के खिलाफ अलग – अलग धाराओं में FIR दर्ज कराई गई है। मामले की जांच अब MP ATS कर रही है।
साजिद ने नहीं कराया एक भी फर्म का ई–केवायसी और आधार वेरीफिकेशन
सहारनपुर उत्तर प्रदेश के रहने वाले साजिद ने मप्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में चार अलग-अलग फर्म (कंपनी) का रजिस्ट्रेशन जीएसटी दफ्तर में कराया, लेकिन एक भी फर्म के रजिस्ट्रेशन के समय आधार वेरीफिकेशन जीएसटी डिपार्टमेंट से नहीं कराया। इतना ही नहीं, नियमानुसार , जीएसटी में फर्म रजिस्ट्रेशन के लिए ईकेवायसी अनिवार्य होता है, लेकिन साजिद ने बिना ईकेवायसी कंप्लीट किए। रजिस्ट्रेशन नंबर जीएसटी दफ्तर से जारी करा लिया।


