लोकमतसत्याग्रह/स्वच्छ सर्वेक्षण से ठीक पहले नगर निगम में डोर-टू-डोर टिपर वाहनों से कचरा संग्रहण करने वाले ईकोग्रीन कंपनी के 485 कर्मचारी अपनी मांगें पूरी न होने से हड़ताल पर चले गए। इससे शहर में कचरा संग्रहण का काम ठप हो गया। सुबह के समय निगम के डिपो से टिपर वाहन बाहर ही नहीं निकले। अधिकारियों ने जब जानकारी जुटाई तो पता चला कि कर्मचारी फूलबाग चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। अपर आयुक्त विजय राज ने जाकर कर्मचारियों से बातचीत भी की, लेकिन वे मांगें पूरी होने तक काम पर न लौटने की बात पर अड़े रहे। देर रात तक भी कोई निर्णय नहीं हो सका। ऐसे में मंगलवार को भी टिपर वाहन नहीं चल सकेंगे। हालांकि निगम के अधिकारियों का दावा है आउटसोर्स एजेंसी के ड्राइवर इन टिपर वाहनों को चलाएंगे और कचरा संग्रहण करेंगे।
ईको ग्रीन कंपनी के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर में कचरा कलेक्शन की व्यवस्था चरमरा जाती हैं। दरअसल, जब ईको ग्रीन कंपनी ने शहर में कचरा कलेक्शन का काम छोड़ा था तो उसके 485 कर्मचारियों की सेवाएं निगम ने ले ली थीं। वर्ष 2020 में तत्कालीन प्रशासक ने आदेश किया था कि इन कर्मचारियों की सेवाएं आउटसोर्स
एजेंसी के माध्यम से ली जाएं, ताकि इन्हें ईएसआइ और पीएफ जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सके, लेकिन निगम अधिकारियों ने तीन साल में यह प्रक्रिया नहीं की। इन कर्मचारियों को निगम ही वेतन का भुगतान करता है, लेकिन बाकी सुविधाएं नहीं मिलती हैं। ईको ग्रीन के मुकाबले निगम से वेतन का भुगतान भी कम हो रहा है। ये कर्मचारी निगम के डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के टिपर वाहनों को चलाने के साथ कचरा उठाने का काम करते हैं। ड्राइवर को लगभग नौ हजार और हेल्पर को सात हजार रुपए के आसपास भुगतान मिल रहा है। कर्मचारियों की मांग है कि वेतन बढ़ाने के साथ ही उन्हें विनियमित भी किया जाए। इसको लेकर निगमायुक्त हर्ष सिंह ने समिति का भी गठन किया था, लेकिन उसकी अनुशंसाएं भी पाइप लाइन में हैं। इसके कारण कर्मचारी 20 दिन बाद फिर हड़ताल पर चले गए।
हड़ताल पर गए ईकोग्रीन कंपनी के कर्मचारियों ने ये भी चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो तीन साल पहले किए गए प्रदर्शन को वो दोहराएंगे। वे घरों से कचरा कलेक्शन कर इसे फूलबाग सहित शहर के चौराहों और सड़कों पर फैला देंगे। गौरतलब है कि वर्ष 2020 में भी कर्मचारियों ने सर्वेक्षण से पहले अपनी मांगें पूरी कराने के लिए पड़ाव से लेकर फूलबाग चौराहे तक सड़कों पर कचरा फैला दिया था।
शहर में आज नहीं हो सकेगा कचरा कलेक्शन ईकोग्रीन के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद कचरा कलेक्शन की स्थिति डावाडोल हो गई है। मंगलवार को शहर से कचरा नहीं उठेगा। हालांकि सोमवार की देर शाम तक नगर निगम ने आउटसोर्स के 20 से अधिक वाहन चालकों की ड्यूटी टिपर वाहनों पर लगा दी है, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी साबित होगी। ऐसे में मंगलवार को कचरा कलेक्शन की स्थिति खराब रहेगी।
सोमवार को ईकोग्रीन कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। उनसे बातचीत भी की गई, लेकिन अभी कोई नतीजा नहीं निकला है। मंगलवार को कचरा कलेक्शन के लिए हम दूसरी व्यवस्था कर रहे हैं। प्रयास कर रहे हैं कि मंगलवार को शहर में कचरा कलेक्शन हो सके।
विजय राज, अपर आयुक्त, नगर निगम
ईकोग्रीन के कर्मचारियों की समस्याएं हमने सुलझा ली हैं। पीएफ कमिश्नर से बात कर उनका नया खाता खोला जा रहा है, जिसमें निगम राशि डालेगा। कमेटी ने भी अपनी अनुशंसाएं मुझे दे दी हैं। हमने उन्हें काम पर लौटने के लिए कहा है और बुधवार से सत्यापन के लिए बुलाया है, ताकि उनका पीएफ आदि कट सके। मंगलवार को यदि कर्मचारी नहीं आते हैं, तो हम अन्य चालकों से टिपर वाहन चलवाएंगे।
हर्ष सिंह, आयुक्त, नगर निगम


