सीए बनने का सपना पूरा करने इंटरनेट मीडिया से मुंह मोड़ा

लोकमतसत्याग्रह/द इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स आफ इंडिया (आइसीएआद) ने बुधवार की दोपहर सीए फायनल और सीए इंटरमीडियेट का परिणाम घोषित किया। इसमें शहर के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सीए फायनल की परीक्षा ग्वालियर शाखा से जुड़े 244 विद्यार्थियों ने दी थी, इनमें से सीए बनने में 14 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। विषय विशेषज्ञों का कहना है इस बार ग्वालियर ने देश को 14 सीए दिए हैं। स्पष्ट है आंकड़ों की उधेड़बुन करने की मंशा रखने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। साल 2023 के परिणाम के सफल विद्यार्थी किसी कंपनी से जुड़ेने के बजाय खुद प्रैक्टिस करना चाहते हैं। वहीं सफलता अर्जित करने वाले विद्यार्थियों ने अपनी स्ट्रेटजी शेयर करते हुए बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने खुद पर कंट्रोल रखा। अपनी पसंदीदा गतिविधि में रुचि दिखाना तक बंद कर दिया। इंटरनेट मीडिया पर कम से कम वक्त बताया। बस देश-दुनिया की खबरों को इस प्लेटफार्म पर सर्च किया।

ऐसे समझते हैं

-22.54 प्रतिशत रहा इस बार का परिणाम

-2022 का परिणाम 22.22 फीसद रहा था।

-62 विद्यार्थियों में से एक ने क्लियर किया बोथ ग्रुप।

-5 ने किया पहला ग्रुप क्लियर

-8 ने किया दूसरा ग्रुप क्लियर

-93 विद्यार्थियों ने दिया पहले ग्रुप का पेपर, 10 को मिली सफलता

-89 ने दिया दूसरा ग्रुप, सफलता मिली 31 विद्यार्थियों

बेहतर रहा इस बार का परिणाम

आइसीएआइ ग्वालियर ब्रांच के सचिव सीए पंकज शर्मा ने बताया कि इंटरमीडिएट की इस बार 302 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। 76 विद्यार्थियों ने दोनों ग्रुप की परीक्षा एक साथ दी, इनमें से सात विद्यार्थियों के दोनों ग्रुप क्लियर हुए हैं। इंटरमीडिएट में 119 विद्यार्थियों ने केवल पहले ग्रुप की परिक्षा दी थी, जिनमें से 12 पास हुए हैं और 107 ने केवल दूसरे ग्रुप की परीक्षा दी और सफलता 43 विद्यार्थियों के नाम रही। गत वर्ष देश को कुल 12845 सीए मिले थे, जबकि मई 2023 में कुल 13430 सीए देश को मिले। जो विद्यार्थी सीए बने या ग्रुप ए व बी में पास हुए, उनका सीए की ग्वालियर ब्रांच में सम्मान किया गया।

सफलता पाने वाले विद्यार्थियों की जुबानी

आनलाइन क्लास की मदद से की पढ़ाई

मैंने आनलाइन क्लास ज्वाइन कर रखी थी। जिसकी मदद से खुद ही नोट्स तैयार किए और पढ़ाई की। मैं अधिकांस पढ़ाई रात के समय करती थी। प्रतिदिन 12 से 14 घंटे किताबों को दिए। माता पिता के मार्गदर्शन समय-समय पर लेकर सीए की परीक्षा पास कर ली।

अनुशी अग्रवाल

हर दिन 12 घंटे किताबों को दिए

मैंने अपना लक्ष्य तय कर लिया था कि सीए बनना है। इसलिए हर दिन 12 घंटे पढ़ाई करता था। देर रात तक पढ़ाई करता और दिन में ट्यूशन पर पढ़ाई करता था। पुराने पेपर सोल्व किए, जिसका सीधा फायदा परीक्षा में किया। टीवी देखना तो लगभग बंद कर दिया था। फोन बस काल के लिए उठाता था।

रजत बंसल

सेल्फ स्ट्डी पर किया शुरू से फोकस

मैंने नवंबर 2022 में दूसरा ग्रुप क्लियर कर लिया था। इस बार पहला ग्रुप क्लियर कर मैं सीए बन गया हूं। कोचिंग के बाद मैं सेल्फ स्टडी करता था। हर दिन 12 से 14 घंटे तक मैंने पढ़ाई की। जब तनाव महसूस होता था तब वक्त अभिभावकों के साथ बिताना पसंद किया। आगे चलकर अच्छा सीए बनना है।

तुशांत फेरवानी

पूरे सिलेबस को छोटे-छोटे भागों में बांटा

मैंने अपना पूरा सिलेबस को छोटे-छोटे भाग में बांट दिया था। सभी के अपनी तरफ से टापिक तैयार किए और नोट्स बनाए। लगातार बैठकर पढ़ाई करने में परेशानी होती थी। इसलिए मैंने दिन और रात के समय को चार भागों में बांट दिया था। मैं एक बार में दो से तीन घंटे तक ही पढ़ाई करता था।

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