लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर में लव ट्रायंगल में व्यापारी के इकलौते बेटे की हत्या उसी के दोस्त ने की थी। आरोपी बीबीए का छात्र है। उसने लव ट्रायंगल में वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने पहले रूम पर बुलाया। यहां गला दबाकर मार डाला। किसी को सबूत नहीं मिले, इसके लिए 500 कंडों की मदद से शव जला दिया। उसकी अस्थियों और राख को नाले में बहा दिया। सोमवार दोपहर युवक के जले हुए अवशेष नाले के पास मिले।
डबरा में ठाकुर बाबा रोड पर गद्दा व्यापारी अनिल शिवहरे रहते हैं। उनका इकलौता बेटा सागर उर्फ चिराग शिवहरे (25) ने ग्वालियर के आईटीएम इंजीनियरिंग कॉलेज से BBA की पढ़ाई की थी। अब वह डबरा में रहकर पिता का काम संभाल रहा था। शनिवार दोपहर 2 बजे चिराग पार्टी करने जाने की बात कहकर घर से निकला था। उसी दिन शाम 6.30 बजे पिता ने कॉल किया, तो उसने एक घंटे में वापस आने की बात कही। इसके बाद जब उसे कॉल किया, तो रिसीव नहीं हुआ। शाम 7.22 बजे चिराग के मोबाइल से एक घंटे में आने का मैसेज भी आया। रात करीब 8 बजे उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
मोबाइल लोकशन से तलाश किया आरोपी
रात करीब 11 बजे परिजन ने डबरा थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने भी सुबह तक इंतजार करने के लिए कहा। अगले दिन जब तक बेटे का पता नहीं चला, तो पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर पड़ताल शुरू की। पुलिस ने चिराग के मोबाइल की लोकेशन निकाली। आखिरी लोकेशन लोकेशन ग्वालियर में दर्पण कॉलोनी की मिली। यहां परिजन और पुलिस को पता लगा कि अंश उर्फ यश जादौन (22) रहता है। यह पिछले कई दिनों से चिराग के संपर्क में था। दोनों की लोकेशन एक ही जगह मिली। पुलिस ने अंश उर्फ यश को निगरानी में लेकर पूछताछ की। पहले तो वह खुद को बेकसूर बताता रहा। पुलिस ने सख्ती की, तो चचेरे भाई के साथ चिराग की हत्या करना कबूल कर लिया।
वॉट्सऐप कॉल कर बुलाया, फिर मार डाला
अंश जादौन ने पुलिस को बताया कि 8 जुलाई की दोपहर चिराग को वॉटसएप कॉल किया था। उसे कहा कि तेरी (चिराग) गर्लफ्रेंड धोखा दे रहे है। वह मेरे साथ भी रिलेशन में है। सबूत दिखाने के लिए दर्पण कॉलोनी थाटीपुर रूम पर बुलाया। यहां चिराग पहुंचा, तो उसे कई सबूत भी दिए। इसके बाद चचेरे भाई के साथ गला दबाकर चिराग की हत्या कर दी।
500 कंडे लाकर जलाया, फिर नाले में बहा दिया
पूछताछ में अंश ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए 500 कंडों का इंतजाम किया। गाड़ी में डालकर रात को कलेक्ट्रेट के पास झाड़ियों में शव को लेकर पहुंचे। यहां लाश को कंडों पर रखकर जला दिया। इसके बाद अगले दिन घटना स्थल पर पहुंचे। वहां से अस्थियों और राख को इकट्ठा किया और पास ही स्थित नाले में बहा दिया। उन्हें लगा कि वह पकड़े नहीं जाएंगे।
दोनों एक ही लड़की से करते थे प्यार
चिराग की 22 साल की क्लासमेट लड़की से दोस्ती थी। दोनों ने एक दूसरे के साथ जीवन में आगे बढ़ने के सपने भी गढ़ लिए थे। युवती डबरा में बेकरी शॉप संचालिका है। इसी बीच, पांच महीने पहले कॉलेज की फेयरवेल पार्टी में ग्वालियर के दर्पण कॉलोनी निवासी अंश जादौन भी शामिल हुआ। अंश भी इसी कॉलेज में बीबीए का सेकंड ईयर का स्टूडेंट है। पहली मुलाकात में ही चिराग की गर्लफ्रेंड अंश की ओर खिंचने लगी। युवती अंश और चिराग दोनों से रिश्ता रख रही थी। किसी को भी स्पष्ट नहीं कर रही थी। यह बात चिराग को पसंद नहीं थी। वह युवती पर दबाव डाल रहा था। युवती ने यह बात अंश को बताई। इसके बाद दोनों ने चिराग को रास्ते से हटाने का तय कर लिया।
वारदात के बाद युवती को किया था फोन
चिराग की हत्या की पूरी कहानी के बारे में युवती को जानकारी थी। पता चला है कि वारदात के बाद अंश ने उसे कॉल कर बताया था कि काम हो गया है। इसके बाद युवती नौटंकी करते हुए बार-बार चिराग की मां को कॉल कर रही थी कि चिराग का फोन नहीं लग रहा है, उससे बात करनी है। अब पुलिस युवती की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के बाद उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है।
विश्वविद्यालय थाना प्रभारी मनीष धाकड़ का कहना है कि युवक का अवशेषनुमा शव मिला है। मामले की जांच की जा रही है। अवशेष का डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा।


