लोकमतसत्याग्रह/छात्रा अक्षया यादव की बीच बाजार हत्या से शहर गुस्से में है। सड़क से लेकर घर-घर तक पर जन आक्रोश है। लोगों ने सड़क पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला और अक्षया को श्रद्धांजलि अर्पित की। सामाजिक संगठनों से लेकर राजनीतिक दल भी इस घटना की निंदा कर रहे हैं। सभी की एक ही मांग है..हत्यारे को ऐसी सजा मिले, जो नजीर बने, आगे कोई भी गुंडा बेटियों के साथ इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।
विधायक पाठक बोले-सजा ऐसी हो जिससे अपराधी थर्राएं
विधायक प्रवीण पाठक ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो अपलोड कर इस घटना की निंदा की है। विधायक ने कहा कि यह घटना कलंकित करने वाली है। अपराधियों को सजा ऐसी मिले, जिससे इसके बाद कोई ऐसी घटना न करे, अपराधी थर्राएं। उन्होंने कानून-व्यवस्था और अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
बेटी बचाओ तिराहे पर भाजपा सरकार का पुतला जलाया
शहर मे बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर बेटी बचाओ तिराहे पर कंपू ब्लाक के नेतृत्व में शिवराज सरकार का पुतला जलाया गया। इस मौके पर दक्षिण विधानसभा संगठन प्रभारी इब्राहिम पठान, ब्लाक संगठन मंत्री संजय, पार्षद डा संध्या सोनू कुशवाहा, जफर खान, रमेश भारती, यूथ कांग्रेस जिला महासचिव जसवंत वर्मा, सुनील शर्मा, विनोद सिकरवार, जुगल भार्गव आदि उपस्थित थे।
कैट ने कहा- अक्षया को मिले न्याय, दोषियों को मिले कड़ी सजा
दिन दहाड़े बदमाशों ने छात्रा अक्षया यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। बेकसूर छात्रा को न्याय दिलाने के लिए कैट की टीम व ग्वालियर कोचिंग एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में फूलबाग चौराहे पर कैंडल मार्च निकालकर छात्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कैट के जिला अध्यक्ष दीपक पमनानी व महामंत्री मनोज चौरसिया ने बताया कि इस घटना से छात्र छात्राओं में भय व्याप्त है। हत्यारों के पकड़े जाने तक कैट लगातार विरोध प्रदर्शन करता रहेगा। इस अवसर पर दिलीप पंजवानी, राहुल अग्रवाल, आकाश जैन, ग्वालियर कोचिंग एसोसिएशन से एमपी सिंह सहित व्यापारी व छात्र मौजूद थे।
ब्लाक कांग्रेस: गोरखी स्काउट पर जलाया सरकार का पुतला
शहर की बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था व भांजियों की हो रही लगातार हत्या, लूट और डकैती की घटनाओं के विरोध में ब्लाक कांग्रेस कमेटी हेमू कालोनी द्वारा गोरखी स्काउट तिराहे पर बुधवार शाम चार बजे प्रदेश की भाजपा सरकार का पुतला जलाया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
पीड़िता का दर्द.. पुलिस सुन लेती तो बहन जैसी सहेली बच जाती
हर पल दहशत में गुजरता था। अक्षया बहन जैसी थी। हम दोनों ने साथ में सपने देखे थे, अच्छे कालेज में एडमिशन लेना था। साथ-साथ कोचिंग जाते थे, लेकिन सुमित,उसके भाई उपदेश मेरे और मेरी मां के पीछे पड़े थे। पुलिस ने हमारी नहीं सुनी। 7 जुलाई को भी पीछा किया था, मैंने शाकिर अंकल को फोन किया था। तब तक वह भाग गया था। मेरे सामने सहेली को मार डाला। अभी तक वह नजारा सामने से नहीं जा रहा। जब तक इन्हें सजा नहीं मिलती, घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। ये गोली चली तो मेरे लिए थी। वह मंजर भूल नहीं सकती। इन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
मां बोली- गुंडे के कारण घर छोड़ा, बीच सड़क पर की थी छेड़छाड़
गुंडे सुमित और उपदेश की वजह से पुराना घर छोड़ा। वह उस घर से करीब एक किलोमीटर दूर रहता था। बीच सड़क पर उसने छेड़छाड़ की थी, कट्टे दिखाकर धमकाया था। यहां भी तब तक शांत रहा, जब तीन माह जेल में रहा। जेल से छूटते ही फिर परेशान करने लगा और हत्या की प्लानिंग कर डाली।


