लोकमतसत्याग्रह/वेतन बढ़ाने के साथ ही दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के तौर पर नगर निगम में रखने और तीन साल की पीएफ की राशि जमा कराने की मांगों को लेकर हड़ताल पर गए ईकोग्रीन कर्मचारी अब उग्र आंदोलन की तैयारी में हैं। अब ये कर्मचारी सड़कों पर कचरा फैलाने से लेकर नगर निगम के डिपो का घेराव करने की तैयारी में हैं। इसकी भनक लगते ही नगर निगम के अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं।
निगमायुक्त ने दो दिन पहले सभी थानों को पत्र लिखकर सफाई व्यवस्था में लगे अमले और वाहनों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की थी। अब सभी डिपो प्रभारियों सहित मदाखलत अमले को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। दरअसल, कई दौर की बातचीत के बाद भी मांगों को लेकर कोई बीच का रास्ता नहीं निकल सका है। वेतन बढ़ाने के लिए इन कर्मचारियों को आउटसोर्स के माध्यम से निगम में रखा जा सकता है। पीएफ देने के लिए भी निगम के अधिकारी तैयार हैं, लेकिन दैनिक वेतन भोगी के तौर पर रखने की व्यवस्था शासन स्तर से ही खत्म हो चुकी है। ऐसे में निगम अधिकारी अपनी मजबूरी भी बता चुके हैं, लेकिन कर्मचारी इसी मांग पर अड़े हुए हैं। यह मांग पूरी होना मुश्किल है, इसलिए निगम के अधिकारियों ने आउटसोर्स के माध्यम से अतिरिक्त कर्मचारी रखने शुरू किए हैं ताकि सभी डोर-टू-डोर टिपर वाहन चलाए जा सकें। इससे अब ईकोग्रीन कर्मचारियों में आक्रोश है और वे अब उग्र आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं।


