लोकमतसत्याग्रह/शहर में मानसून का सिस्टम निष्क्रिय होने के कारण जुलाई के महीने में भी मई जैसी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। वहीं उमस से लोग बदहाल हुए जा रहे हैं। पिछले दो दिन से मौसम साफ है। शहर के आसमान से बादल गायब हैं, जिससे तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शुक्रवार को पारा 38 डिग्री सेल्सियस के करीब चला गया। तेज धूप और भीषण उमस लोगों का पसीना छुड़ा रही है। मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर-चंबल संभाग में अगले तीन दिन तक बारिश की उम्मीद कम है। हालांकि स्थानीय प्रभाव से अंचल में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से गुना-शिवपुरी के पास से गुजर रही मानसून की अक्षीय रेखा अब राजस्थान के जैसलमेर, कोटा के अलावा मध्यप्रदेश के सागर और ओडिशा में बने कम दबाव क्षेत्र से होते हुए बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है। ग्वालियर-चंबल संभाग के आसपास कोई मानसून सिस्टम मौजूद नहीं है। इसके चलते अगले तीन दिन तक बारिश की उम्मीद कम है। हालांकि स्थानीय प्रभाव से अंचल में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 24 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में एक ताजा कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की उम्मीद है। इसके प्रभाव से अंचल में बारिश की उम्मीद की जा रही है। इससे पहले शुक्रवार को सुबह से ही मौसम लगभग शुष्क था। आसमान में हल्के फुल्के बादल छाए थे। इसके चलते सूरज ने तेवर दिखाने शुरू किए, तो सुबह 11:30 बजे ही तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। सुबह से ही तेज धूप और उमस की वजह से शहरवासियों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। दोपहर में जो लोग घर से बाहर निकले वे पसीना-पसीना होते रहे। घरों में भी एसी और कूलर की हवा में ही चैन मिल सका।


