इंटरनेट मीडिया पर असुरक्षित हैं बेटियां, छोटी सी चूक बढ़ा रही मुसीबत, इसलिए आप रखें निगरानी

लोकमतसत्याग्रह/इंटरनेट मीडिया पर बेटियां असुरक्षित हैं। अब तक सड़क पर मनचलों से ही परेशान थी, लेकिन जब से इंटरनेट मीडिया से जुड़े अलग-अलग प्लेटफार्म चलन में आए हैं, तब से यही बेटियों के लिए मुसीबत बन गए हैं। आज हम आपको ऐसे तीन अपराधों के बारे में बता रहे हैं, जो लगातार बढ़ रहे हैं। अगर छोटी सी चूक हुई तो मुसीबत में पड़ सकते हैं। इसलिए आप ही सावधानी रखें..

साइबर बुलिंग

साइबर बुलिंग- इसका मतलब है। किसी का फेसबुक, इंस्टा या अन्य कोई प्लेटफार्म पर बना अकाउंट का उपयोग कोई और करे। इसके लिए मूल उपयोगकर्ता पर दबाव बनाया जाए। इसके बाद उसकी आइडी का उपयोग कर उसकी आइडी से अश्लील पोस्ट डालना। उसे बदनाम करने के लिए उसके फोटो अपलोड करना। अश्लील कमेंट डालना। यह घटनाएं लगातार हो रही हैं। हाल ही में कंपू इलाके में रहने वाली आठवीं की 14 वर्षीय छात्रा के साथ पड़ोसियों ने इस तरह की घटना की। प्रताड़ित होकर छात्रा ने आत्महत्या कर ली। इस तरह घटनाओं से बेटियों को बचाने के लिए उनके अ​भिभावकों को भी सचेत रहना पड़ेगा, बेटियों पर ध्यान देना पड़ेगा।

स्टाकिंग

स्टाकिंग को डिजिटल छेड़छाड़ भी कहा जा सकता है। इंटरनेट मीडिया के जरिये बेटियों के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। उन्हें अश्लील मैसेज, उन्हें परेशान करना। फोटो निकालकर इन पर अश्लील कमेंट कर परेशान किया जा रहा है। एक माह में ही ऐसी 4 घटनाएं सामने आई। इसमें आरोपित ब्लैकमेलिंग तक करते हैं। मार्फिंग: यह काम हैकर द्वारा किया जा रहा है। फेसबुक, इंस्टा आइडी हैक करने के बाद फोटो निकालकर इन्हें एडिट किया जाता है। फोटो में अश्लील कंटेंट जोड़कर इन्हें वायरल किया जाता है। इसमें हैकर ब्लैकमेलिंग तक कर रहे हैं।

स्मार्ट पैरेंटिंग आपको बचाएगी

1. बच्चों को जरूरत है, अपनी प्रोफाइल हमेशा लाक रखें। अंजान की फ्रेंड रिक्वेस्ट आने पर इसे स्वीकार न करें। यही लोग खतरा बनते हैं।

2 बेटियों को सुरक्षित रखने के लिए स्मार्ट पैरेंटिंग इस्तेमाल करनी होगी, क्योंकि डिजिटल युग में उन्हें इंटरनेट मीडिया से दूर रखना संभव नहीं है। इसके लिए बाजार में ऐसे एप्स, सिक्योरिटी टूल्स उपलब्ध हैं। जिनकी मदद से बच्चों के मोबाइल का एक्सेल अ​भिभावक हासिल कर सकते हैं। बच्चे इंटरनेट पर क्या कंटेंट सर्च कर रहे हैं, दोस्तों से क्या बात कर रहे हैं, इसकी निगरानी की जा सकती है।

3 जो एप डाउनलोड किए जा रहे हैं, उसकी सुरक्षा को लेकर ड्रिस्किप्शन जरूर पढ़ें। इसके रिव्यू पढ़ें। इसके बाद इसे डाउनलोड करें, क्योंकि हर एप्लीकेशन कांटेक्ट, गैलरी, डाक्यूमेंट, लोकेशन का एक्सेस मांगता है।

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