लोकमतसत्याग्रह/ विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। अब पुलिस के रडार पर शांति भंग करने वाले लोग हैं। इसमें अलग-अलग संगठनों से जुड़े कुछ लोग भी हैं, जो अक्सर इंटरनेट मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालते हैं। पूर्व में इस तरह से शांति भंग करने की घटनाओं में शामिल रहे हैं। पूर्व के अनुभवों को देखते हुए पुलिस यह सतर्कता बरत रही है। हाल ही में मिहिर भोज प्रतिमा के आसपास जिस तरह से तोड़फोड़ कर पूरे षड़यंत्र के साथ माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई। उससे पुलिस और अधिक अलर्ट हो गई है। पुलिस ऐसे लोगों के साथ ही इंटरनेट मीडिया पर भी निगरानी कर रही है।
दरअसल वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव से पहले 2 अप्रैल को ग्वालियर-चंबल अंचल में वर्ग संघर्ष हुआ था। ग्वालियर में उपद्रव के चलते कफ्र्यू तक के हालात बन गए थे। इसके बाद भी कई बार ऐसी स्थितियां बनी, जिसमें ग्वालियर में दो वर्ग आमने-सामने आए। लेकिन किसी तरह इन्हें संभाल लिया गया, जिससे हालात नियंत्रित रहे। अब फिर विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में जाति, वर्ग के नाम पर राजनीति चमकाने वाले, माहौल बिगाड़ने वाले सक्रिय हो जाते हैं। तीन दिन पहले चिरवाई नाका स्थित मिहिर भोज की प्रतिमा पर षड्यंत्र के साथ युवक पहुंचे। यहां टीनशेड और बेरीकेड फेंक दिए। इससे अब दूसरा वर्ग भी आक्रोशित है। इसे लेकर बैठक भी होने जा रही है। इसलिए पुलिस अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। पुलिस ने ऐसे लोगों को चिन्हित किया है, जो माहौल बिगाड़ सकते हैं। इनकी गतिविधि से लेकर इनके इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल की भी निगरानी हो रही है।
हरियाणा और राजस्थान में दंगे भड़के, हिंदू संगठन जता रहे विरोध
हरियाणा के नूह से शुरू हुए दंगे की आग पूरे हरियाणा और राजस्थान तक भड़क गई है। ग्वालियर में भी हिंदू संगठन इस घटना की निंदा कर रहे हैं। इसे लेकर पुलिस अलर्ट है।
एक दर्जन से ज्यादा ऐसे लोग, जिन पर निगरानी
ग्वालियर में एक दर्जन से ज्यादा ऐसे लोग हैं, जिनकी फेसबुक, इंस्टा प्रोफाइल पर अक्सर जाति और वर्ग को लेकर ही पोस्ट रहती हैं। इन पर विशेष निगाह रखी जा रही है।
जाति, वर्ग को लेकर या किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट इंटरनेट मीडिया पर अगर कोई करता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्थिति में शहर की शांति भंग नहीं होने दी जाएगी। ऐसे लोगों को चिन्हित करने के लिए टीम लगाई है। शहरवासियों से अपील है ऐसी किसी भी पोस्ट, बयान पर प्रतिक्रिया न दें। ऐसी भड़काऊ पोस्ट का हिस्सा न बनें। अगर ऐसा कोई करता है तो पुलिस को सूचित भी करें।
राजेश सिंह चंदेल, एसएसपी


