लोकमतसत्याग्रह/शनिवार को प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। यह भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की गायनिक विभाग की PG छात्रा डॉ. बाला सरस्वती सुसाइड केस में कार्रवाई नहीं होने से नाराज हैं। जूडा की इस हड़ताल को करीब सात स्टेट के जूनियर डॉक्टर भी सपोर्ट कर रहे हैं।
ग्वालियर में शनिवार सुबह जूनियन डॉक्टर ने डीन को ज्ञापन सौंपकर अपने हड़ताल पर जाने की पुष्टि की है। जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाते ही स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई हैं। सबसे ज्यादा असर OPD और ऑपरेशन थियेटर पर पड़ा है। ग्वालियर में हर दिन 30 के लगभग ऑपरेशन होते हैं जो जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से कैंसल हो जाएंगे।
ग्वालियर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हितेन्द्र यादव का कहना है कि गांधी मेडिकल कालेज के गायनिक विभाग की PG छात्रा डॉ. बाला सरस्वती ने वहां की HOD (हेड ऑफ द डिपार्टमेंट) गायनिक की प्रताड़ना से तंग होकर आत्महत्या कर ली थी। डॉ. बाला सरस्वती की मौत का कारण HOD डॉ. अरुणा कुमार की सख्ती रही है। इसको लेकर उन्हें डॉ. बाला की मौत का जिम्मेदार माना जा रहा है। जिसको लेकर उनके खिलाफ जांच की जा रही है इसके चलते उन्हें HOD पद से हटा दिया गया। जूडा की मांग है कि जांच के दौरान डॉ. अरुणा कुमार को निलंबित रखा जाए। जांच पूरी होने तक उन्हें गांधी मेडिकल कॉलेज से हटाकर दूसरे कॉलेज भेजा जाए। इन मांगों को लेकर शुक्रवार को चिकित्सा आयुक्त के साथ बैठक हुई थी, जिसमें उन्होंने शाम सात बजे तक आदेश जारी करने का भरोसा दिया था। लेकिन आदेश न आने पर जूडा ने हड़ताल का अव्हान कर दिया और इसी के चलते प्रदेश भर के सभी जूनियर डाक्टर समर्थन में शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
शनिवार को टलेंगे करीब 19 ऑपरेशन
जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल के कारण शनिवार को करीब 19 से 20 ऑपरेशन टालना पड़ सकते हैं। ग्वालियर के जेएएच मंे हर दिन 30 के लगभग ऑपरेशन होते हैं। जूनियर डॉक्टर इन ऑपरेशन में सीनियर के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर उनके अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने से सिर्फ इमरजेंसी ऑपरेशन ही होंगे।
OPD में परेशान रहे मरीजा
जूनियर डॉक्टर के हड़ताल पर जाने से सबसे ज्यादा प्रभावित OPD भी रही है। यहां भी जूनियर डॉक्टर ही मुख्य भूमिका में होते हैं। ऐसे में शनिवार को अस्पताल में मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। हालांकि सीनियर डॉक्टर ने ओपीडी में मोर्चा संभाल लिया, लेकिन उसके बाद भी लोग इलाज के लिए परेशान हुए हैं।
डॉ. बाला को दी श्रद्धांजलि
हड़ताल पर जाने से पहले जूनियर डॉक्टरों ने भोपाल की मृत डॉ. बाला सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित की श्रद्धांजलि अर्पित की। यहां डॉक्टरों ने संकल्प भी लिया कि डॉ. बाला को इंसाफ दिलाने के लिए वह आखिर तक लड़ेंगे।


