लोकमतसत्याग्रह/हरियाणा के नूंह में हुए सांप्रदायिक दंगे और पिछले कुछ दिनों से सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर दो समुदायों के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए ग्वालियर में अफसरों की चिंता बढ़ गई। कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने अगले 2 महीने के लिए जिले में धारा 144 लागू कर दी है, जिसके तहत सभी प्रकार के जुलूस, रैली, धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और ऐसे आयोजनों में हथियार लेकर चलने व प्रदर्शित करने पर भी रोक रहेगी।
कलेक्टर ने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि किसी ने भी इस आदेश का उल्लंघन किया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से एक बार फिर ग्वालियर के चिरवाई नाका पर स्थापित सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा को लेकर क्षत्रिय एवं गुर्जर समाज आमने-सामने आ रहे हैं। दोनों पक्ष के बीच कोई विवाद या तनाव के हालात न बनें, इसलिए धारा 144 लागू की गई है। इस मामले को लेकर दोनों पक्ष की तरफ से सोशल साइट्स पर भी कोई विवादित पोस्ट न हो, इसलिए सोशल साइट पोस्ट को भी प्रतिबंध के दायरे में रखा गया है।
त्योहारों की परंपरा पर असर नहीं: इस धारा 144 के प्रतिबंधों का असर त्योहारों के पारंपरिक आयोजनों पर नहीं होगा। कलेक्टर ने बताया कि जन्माष्टमी, गणेश महोत्सव, नवदुर्गा महोत्सव व अन्य त्योहार पर चल समारोह या अन्य परंपराएं पहले से चली आ रही हैं। उन्हें इन प्रतिबंधों से छूट रहेगी, लेकिन आयोजकों को यह इंतजाम करना होगा कि आयोजनों में किसी प्रकार से माहौल न बिगड़े। वे अपने आयोजन में जुटने वाली भीड़ को नियंत्रित व सुरक्षित करके कार्यक्रम करेंगे।
राजनीतिक आयोजन पर ज्यादा असरदार होंगे प्रतिबंध
- सार्वजनिक स्थलों पर बिना किसी अनुमति के किसी प्रकार के जुलूस, रैली, सभा, धरना, प्रदर्शन नहीं होेगा। इनके लिए संबंधित अनुविभागीय अधिकारी से अनुमति लेनी होगी और यदि किसी आयोजन में एक से अधिक अनुभाग शामिल हुए तो यह अनुमति अपर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दी जाएगी।
- किसी भी आयोजन, चल समारोह आदि में बंदूक एवं धारदार एवं बोथरे हथियार तलवार, लाठी, फसरा, बरछी लेकर चलने पर रोक है।
- किसी भी धर्म, संप्रदाय, व्यक्ति के खिलाफ नारे, भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल वाले कट आउट, बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स व झंडे का प्रदर्शन या प्रकाशन प्रतिबंधित किया गया है।
- सार्वजनिक व निजी किसी भी भवन या दीवार पर किसी धर्म, समाज और व्यक्ति के खिलाफ भड़काऊ नारे नहीं लिखे जा सकेंगे।
- सोशल साइट्स पर किसी भी धर्म, समाज को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट करने या फॉरवर्ड करने पर रोक है।
पारिवारिक व सरकारी आयोजनों को राहत
कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि धारा 144 के तहत लगाए गए इन प्रतिबंधों से पारिवारिक व सरकारी आयोजनों को राहत रहेगी। शासन-प्रशासन द्वारा होने वाले कार्यक्रम या फिर पारिवारिक जैसे विवाह समारोह, बारात आदि के लिए किसी प्रकार की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी।


