लोकमतसत्याग्रह/पूर्व कांग्रेस नेता और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) के अध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जो लोग जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने का सपोर्ट कर रहे हैं, उन्हें वहां की असलियत और इतिहास के बारे में नहीं पता।
आजाद ने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में रैली में कहा- आर्टिकल 370 जम्मू-कश्मीर के लिए फायदेमंद था। इसे असंवैधानिक और जबरन तरीके से हटाया गया था। मुझे सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है कि उनका फैसला सही होगा।
दरअसल, आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को चुनौती देने वाली 23 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। पिछली सुनवाई 2 और 3 अगस्त को हुई थी। मामले में अगली सुनवाई 8 अगस्त को होगी।
आजाद बोले– आर्टिकल 370 किसी खास धर्म के लिए नहीं था
गुलाम नबी ने कहा- आर्टिकल 370 किसी खास धर्म या इलाके के लिए नहीं, बल्कि सभी लोगों के लिए फायदेमंद था। आजाद ने अनंतनाग में शहीद हुए तीन सैनिकों के लिए भी शोक जताया। उन्होंने कहा कि पिछले 6 महीनों से आतंकी हमले ज्यादा होने लगे हैं।
CJI चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही सुनवाई
आर्टिकल 370 हटाने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एसके कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत की पांच सदस्यीय बेंच सुनवाई कर रही है। आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट में 3 साल बाद सुनवाई हो रही है।
शाह ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू–कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने की घोषणा की
आर्टिकल 370 की बुनियाद 26 अक्टूबर 1947 को जम्मू-कश्मीर के राजा हरि सिंह के विलय संधि पर दस्तखत करने से पड़ी। जब समझौते के तहत केंद्र को सिर्फ विदेश, रक्षा और संचार मामलों में दखल का अधिकार मिला था। 17 अक्टूबर 1949 को अनुच्छेद 370 को पहली बार भारतीय संविधान में जोड़ा गया। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने की घोषणा की थी।
बॉर्डर वाले इलाकों में पर्यटन शुरू होने से स्थानीय लोगों में उम्मीद जागी है। भास्कर टीम ने नीलम वैली के पास सीमा के अंतिम गांव केरन पहुंचकर हालात देखे। 77 साल के बुजुर्ग किशनगंगा नदी के दूसरी ओर टकटकी लगाकर देख रहे हैं। जहां वो खड़े हैं, वहां से 80-100 मीटर दूरी पर पीओके की नीलम वैली है… हमारे देश का मुकुट।
जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने दावा ने शनिवार को बताया- पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई शुक्रवार की आधी के बाद की गई। पुलिस ने उनकी पार्टी (PDP) के कई नेताओं को भी अवैध रूप से हिरासत में लिया है।


