लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर के सिटी सेंटर इलाके में रहने वाले अंशुल पटेल। पांच दिन पहले की बात है। उनका पे-वालेट अचानक ब्लाक हो गया। न तो पैसे आ रहे थे और न ही पैसे ट्रांसफर कर पा रहे थे। बार-बार पिन इनवैलिड बता रहा था। उन्होंने गूगल केयर से कस्टमर केयर का नंबर निकाला। जैसे ही इस नंबर पर काल किया, वैसे ही उनके मोबाइल पर एक लिंक एसएमएस के जरिये भेजी गई। इस लिंक पर क्लिक करते ही उनके मोबाइल पर स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड हुआ और उनके खाते से तीन बार में 13 हजार रुपये निकल गए।
परेशानी में मदद लेने के लिए किसी कंपनी, बैंक का कस्टमर केयर नंबर निकालते हैं या फिर आर्डर देने के लिए कोई नंबर निकालते हैं तो सावधान रहें। कहीं आप ठगे न जाएं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट..आखिर किस तरह होती है यह ठगी और इससे कैसे बचा जा सकता है।
ठग अपना ही नंबर कस्टमर केयर के नाम से करते हैं सेव, इस पर काल करते ही फंस जाते हैं
1. ठग अपना मोबाइल नंबर किसी बैंक, फाइनेंस कंपनी, पे-वालेट कंपनी या किसी अन्य कंपनी के कस्टमर केयर के नाम से गूगल पर अपलोड कर देते हैं। इस पर काल कर आप अपनी पूरी जानकारी शेयर कर देते हैं। ऐसे में आपकी जानकारी का उपयोग कर आपके साथ ठगी होती है।
2. कई ठगों ने अलग-अलग रेस्त्रां के नाम से अपना नंबर गूगल पर सेव कर दिया है। कई लोगों के साथ इस तरह भी ठगी होती है। वह जैसे ही आर्डर देने के लिए काल करते हैं, उन्हें अलग-अलग आफर्स का झांसा देकर ठग लिया जाता है।
3. अब ठगों ने डाक्टर और अस्पतालों के नाम से भी अपने नंबर गूगल पर डाल रखे हैं। हाल ही में ऐसे तीन मामले सामने आए, जिसमें डाक्टर की अपाइंटमेंट के नाम पर ही ठगी हो गई। लोगों ने अपाइंटमेंट के लिए काल किया और उनसे एडवांस भुगतान लिया। एक व्यापारी को एप डाउनलोड करवाकर ठग लिया गया।
4 अलग-अलग सर्विसेज के नाम से भी ठगों ने मोबाइल नंबर सेव किए हैं।
कैसे बचें
कभी भी गूगल से निकाले नंबर पर भरोसा न करें। हमेशा आफीशियल वेबसाइट से ही नंबर निकालें।


