हजीरा थाना प्रभारी गिरफ्तारी वारंट पर कोर्ट में तलब:हत्या के केस में लापरवाही बरतने पर न्यायालय ने जारी किया वारंट

लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर में जिला न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश प्रवीण हजारे ने हजीरा थाना प्रभारी संतोष भदौरिया को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। वहीं पुलिस अधीक्षक को कोर्ट की ओर से पत्र भी लिखा गया है कि थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। हत्या जैसे जघन्य अपराध में साक्ष्य उपलब्ध कराने में लगातार लापरवाही बरतने और न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने पर उन्हें गिरफ्तारी वारंट से तलब किया गया है।

कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि वे अपनी पूर्व में गैर हाजरी को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 350 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिसमें जुर्माने के अलावा सजा का भी प्रावधान है।

बता दें कि ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के साइंस कॉलेज के पीछे बने एक टैंक में नीलम नाम की युवती की ढाई साल पहले लाश मिली थी। यह लाश अधजली हालत में थी। उस समय इस मामले की विवेचना झांसी रोड थाने में पदस्थ रहे संतोष भदौरिया कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने रवि पारदी को आरोपी बनाया था जो अपनी गिरफ्तारी के बाद से अभी तक जेल में है। उसके अधिवक्ता ने न्यायालय में विवेचक को साक्ष्य के लिए बुलाने के लिए न्यायालय से आवेदन किया था। कोर्ट ने करीब सात बार वर्तमान हजीरा थाना प्रभारी संतोष भदौरिया को जमानती, गैर जमानती एवं फोन के जरिए तारीख पेशी की सूचना दी। लेकिन थाना प्रभारी भदौरिया कोर्ट में पेश नहीं हुए। जमानती वारंट को हजीरा थाने भी भेजा गया था, जहां से उसे वापस कर दिया गया। इस पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी जताई और थाना प्रभारी हजीरा संतोष भदौरिया को गिरफ्तारी वारंट से तलब करने के आदेश जारी किया अब इस मामले में संतोष भदौरिया को 11 अगस्त को पेश होने के आदेश दिए गए हैं।
ढाई साल से चल रहा है मर्डर का केस, पुलिस नहीं कर रही सहयोग
जिला न्यायालय अधिवक्ता मोहित भदौरिया का कहना है कि धारा 302 की ट्रायल जिला न्यायालय के सेशन कोर्ट में चल रही है, जिसमें लगभग ढाई साल का समय हो चुका है। आरोपी घटना के बाद से ही अंडर ट्रायल जेल में ही है, इसमें माननीय सेशन न्यायालय द्वारा तत्कालीन सब इंस्पेक्टर झांसी रोउ और वर्तमान थाना प्रभारी हजीरा संतोष सिंह भदौरिया को 7 से 8 बार समन भेजा गया था। जिसमें उन्हें पूर्व पेशी पर जमानती वारंट जारी हो गए थे, लेकिन लगातार संतोष भदौरिया न्यायालय के आदेश की अवहेलना कर रहे थे। लेकिन लास्ट डेट पर न्यायालय ने उनको गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है।

साथ ही एसपी ग्वालियर को यह निर्देश दिया है कि वह थाना प्रभारी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करें। पूर्व पेशी पर जो थाना प्रभारी ने न्यायालय के आदेश की अवहेलना की है उसका स्पष्टीकरण लिखित रूप में दें, अन्यथा उन पर CRPC की धारा 350 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिसमें जुर्माने के अलावा सजा का भी प्रावधान है।

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