“पंजीकृत चिकित्सकों के व्यावसायिक आचरण से संबंधित विनियम 2023 ” के अंतर्गत देश में पहली बार, फार्मा कंपनियों से प्राप्त कोई भी लाभ या मुफ्त उपहार कितना भी कम मूल्य का हो ,लेते पाए जाने पर दोषी डॉक्टरों के लिए सजा का प्रावधान तय किया गया है ।
लेखक ,भरत सिंह परमार

लोकमत सत्याग्रह / दिल्ली ,मेडिकल कॉन्सिल ऑफ़ इंडिया के नए नियमों के अनुसार डॉक्टरों का अब फार्मा कंपनियों से कैश, उपहार ,यात्रा पैकेज ,आदि लेना दंडनीय कृत्य होगा !
फार्मास्युटिकल कंपनियों से उपहार और विदेशी सैर-सपाटे जैसी मुफ्त चीजें स्वीकार करने वाले डॉक्टरों को अब प्राप्त उपहारों के मूल्य के आधार पर दंडित किया जाएगा। सजा के तौर पर छोटी राशि लेने पर 5,000 रुपये से एक लाख तक के जुर्माने से लेकर बड़े उपहार के लिए दोषी डॉक्टर का प्रैक्टिस रजिस्ट्रेशन राज्य या राष्ट्रीय चिकित्सा रजिस्टर से एक न्यूनतम एक वर्ष या उससे अधिक की अवधि के लिए हटाया जा सकता है ।
इसी माह 2 अगस्त को जारी किए गए निर्देशों के अनुसार , डॉक्टरों को किसी भी दवा ब्रांड, दवा और उपकरण का समर्थन करने या उनका विज्ञापन करना भी इन नियमो का उल्लघन माना जायेगा ।
इसके अलावा नए नियमों के अनुसार, किसी अस्पताल में मरीज के रिकॉर्ड के लिए जिम्मेदार डॉक्टर को मरीज के मेडिकल रिकॉर्ड के लिए मरीजों या उनके आधिकारिक अटेंडर द्वारा मांगे जाने पर उनके अनुरोध को विधिवत स्वीकार करना होगा और मरीज सम्बंधित दस्तावेजों को पांच कार्य दिवसों के भीतर उनको उपलब्ध कराया जाना पड़ेगा । वर्तमान में दस्तावेज मुहैया कराने का यह समय 72 दिनों का स्वीकृत था जिसका कई अस्पताल काफी दुरूपयोग करते थे।

