लोकमतसत्याग्रह/स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन के अधिकतर प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है, लेकिन चार प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनके लिए कार्पोरेशन को ठेकेदार नहीं मिल पा रहे हैं। बार-बार प्रयास करने के बावजूद कार्पोरेशन के प्रयास असफल हो रहे हैं। वर्तमान में दो कचरा ट्रांसफर स्टेशन के प्रोजेक्ट के लिए ठेकेदारों ने सही दस्तावेज नहीं लगाए, तो वहीं 10 इंटीग्रेटेड स्मार्ट वाशरूम कैफे के लिए दो बार टेंडर किए जा चुके हैं। तीसरी बार में भी ठेकेदार मिलने की उम्मीद कम ही है। इसके अलावा शहर के तालाबों को साफ करने के लिए फ्लोटिंग ट्रैश स्किमर की खरीद भी खटाई में पड़ी हुई है। जो स्पेसिफिकेशन कार्पोरेशन ने मांगा है, उसके मुताबिक कंपनियां आपूर्ति नहीं कर पाईं। इसके चलते एक बार टेंडर कैंसिल करना पड़ा। अब इसे 16 अगस्त को खोला जाएगा।
वहीं कटोराताल के पानी की सफाई के लिए भी दूसरी बार टेंडर किए गए हैं। स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा अपने बचे हुए बजट से कई प्रोजेक्ट के टेंडर किए गए थे। इनमें से अधिकतर प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो वहीं चार प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनके लिए बार-बार प्रयास करने के बाद भी ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन ने दो करोड़ 40 लाख 58 हजार 648 रुपए की लागत से दो कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया की थी। इसके लिए पहली प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा।
इसी माह खोले जाएंगे चारों टेंडर
इन चारों प्रोजेक्ट के लिए इसी माह टेंडर खोले जाएंगे। इसमें कटोराताल के पानी की सफाई के प्रोजेक्ट का टेंडर 24 अगस्त को, कचरा ट्रांसफर स्टेशन का टेंडर 23 अगस्त को, स्मार्ट टायलेट कैफे का टेंडर 21 अगस्त को और फ्लोटिंग ट्रैश स्किमर का टेंडर 24 अगस्त को खोला जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि यदि किसी प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त संख्या में ठेकेदार नहीं मिलते हैं, तो टेंडर खोलने की तारीख को बढ़ाया भी जा सकता है।
कुछ प्रोजेक्ट के लिए ठेकेदारों ने सही दस्तावेज नहीं लगाए थे, तो किसी के दस्तावेजों में कुछ कमियां थीं। इस कारण से टेंडर प्रक्रिया को निरस्त किया गया था। इस महीने चारों प्रोजेक्ट के टेंडर खुल रहे हैं। हमें भरोसा है कि ये प्रोजेक्ट भी जल्द शुरू हो जाएंगे।
नीतू माथुर, सीइओ स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन


