अवैध हथियारों की फैक्ट्री पर पुलिस की दबिश:अधिया, कट्टे, पिस्टल, जिंदा राउंड सहित एक पकड़ा, हथियार बनाने और खपाने वाले फरार

लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर की क्राइम ब्रांच बिलौआ थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक घर में चल रही अवैध हत्यारों की फैक्ट्री पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए छापा मार कार्रवाई की है। पुलिस ने मौके से 12 बोर की एक अधिया, दो पिस्टल, 315 बोर के 9 कट्टे जिंदा राउंड और हथियार बनाने की सामग्री सहित एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि इस फैक्ट्री में हत्यारों को बनाने के लिए खरगोन से दो लोग और इन तैयार हथियार को खपाने के लिए दो लोग दतिया से आया करते थे। अभी यह चारों आरोपी फरार हैं, फिलहाल पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला बैठकर इस ग्रुप में शामिल उन लोगों के बारे में पूछना शुरू कर दी है।

यह है पूरा मामला

एसएसपी राजेश सिंह चंदन ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध हथियार और खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है इसी अभियान के तहत मुख वेद द्वारा सूचना मिली थी कि बिलौआ थाना अंतर्गत आदर्शपुरा रोरा गांव में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री चल रही है। सूचना पर क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार व बिलौआ थाना प्रभारी अभय परमार को इस पर कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया था। कार्रवाई के निर्देश मिलने पर जब पुलिस आने की एक टीम बनाकर मुखबिर के बताएं एक घर पर बुधवार गुरुवार दरमियानी रात दबिश दी तो मौके पर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस ने इस फैक्ट्री को चला रहे एक आरोपी छोटू राजा और छोटू गुर्जर पुत्र परमजीत गुर्जर को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घर की तलाशी ली तो एक 12 बोर की अधिया, दो 32 बोर की पिस्टल, एक 315 बोर का कट्टा सहित इन हथियारों को बनाने वाले औजार भी बरामद किए हैं।

पकड़े गए आरोपी छोटू राजा और छोटू से पुलिस को प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उक्त फैक्ट्री में हथियार बनाने का कार्य तोप सिंह सिकलीगर और उसका पिता निवासी (खरगोन मध्य प्रदेश) से करने आते थे, और फैक्ट्री में तैयार किए हुए हथियारों को बाजार में खपाने के लिए उसका मामा भूरा यादव और किशनपाल निवासी दतिया जिले से आकर बेचने का काम करते थे। और इन हथियार को बेचने के बाद जो भी मुनाफा हुआ करता था वह पांचों आपस में बांट लिया करते थे। पुलिस ने इन सभी आरोपियों खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब फरार चारों आरोपियों को पकड़ने के लिए उनके संबंधित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

पहले दतिया में बनाते थे हथियार

आरोपी से पता चला है कि इससे पहले वह दतिया में हथियार बनाते थे, लेकिन कुछ दिन पहले पुलिस को इसकी भनक लगी तो यह पुलिस की दबिश से पहले ही वहां से अपना सामान समेट लाए थे और कुछ दिनों से यहां पर हथियार बना रहे थे।

शहर के साथ ही अंचल में खपत

बताया गया है यहां पर बनने वाले हथियारों की खेप ग्वालियर के साथ ही अंचल में सप्लाई करते थे। अभी तक करीब 20 से ज्यादा पिस्टलें, कट्टे और राइफल बेची जा चुकी हैं। एक पिस्टल का 25 हजार, तो राइफल 35 से 40 हजार में और कट्टे को आठ से दस हजार रुपए कीमत मेें बेचा जाता था।

किसकिस ने खरीदे हथियार, पूछताछ शुरू

अब पुलिस पकड़े गए हथियार तस्करों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि अभी तक यहां पर बने हथियार किस-किसने खरीदे है,इसकी जानकारी जुटाई जा रही है, जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। आरोपी ने बताया कि खरगौन के नाम पर हाथों-हाथ हथियार बिकते हैं बताया गया है कि खरगौन के नाम पर हथियारों को हाथों-हाथ खरीदने वाले मिल जाते हैं, क्योंकि खरगौन में बने हथियार मजबूती के साथ सुरक्षित माने जाते है।

यह सामान किया जब्त

आरोपियों के कब्जे से 315 बोर के 9 देशी कट्‌टा, 12 बोर की एक अधिया, 315 बोर के दो जिंदा राउंड, 315 बोर के 11 खाली खोखा, 12 बोर के दो जिंदा राउंड, एक ड्रिल मशीन, दो शिकंजा मशीन, हवा देने वाली मशीन, तीन लोहे के हथोड़े, एक वसूला, एक ग्राडंर मशीन, लोहे की सडसी, दो फनल, एक आरी, दो प्लास, चार लोहे की नाल अलग अलग साइज की, काठ के बट की लकड़ी चार नग, आठ रेती, एक 10 किलोग्राम का बांट, दो लोहे की चादर अलग अलग साइज, एक डाई मशीन, पांच रिंच, 9 स्प्रिंग लोहे की, 40 स्क्रू, लोहे की कील 20, पांच छेनी,तीन रेती लोहे की, एक पेचकस, एक प्लास्टिक बोरी, तीन लोहे की छोटी रॉड, एक गोला वाली छैनी लोहे की और 315 बोर की अधिया की नाल जब्त की है।

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