लोकमतसत्याग्रह/स्मार्ट सिटी ग्वालियर में श्वानों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि घर के बाहर अब बच्चों का खेलना खतरे से कम नहीं है। एक दिन में श्वानों के हमले की घटनाओं का आंकड़ा चौंकाने वाला है। सोमवार काे यह 125 तक पहुंच गया। एक ही दिन में इतने लोग श्वान के हमले का शिकार हो गए। डीडी नगर में सात साल के मासूम पर घर के बाहर खेलने के दौरान श्वान ने हमला कर दिया और पैर का मांस नोंच लिया। लोगों ने श्वान को हटाने के प्रयास किए, लेकिन वह काट चुका था। बच्चा बुरी तरह दहशत में आ गया और तत्काल उसे हजार बिस्तर अस्पताल इलाज को ले गए। जेएएच में कुल 94 और शेष जिला अस्पताल में डाग बाइट केस पहुंचे। श्वानों के आतंक से लाेग भले ही दहशत में हों, लेकिन निगम को इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। न अमला श्वानों को पकड़ने निकल रहा न एबीसी सेंटर काम कर रहा।
पैर पर झपटा श्वान, भरत चीख उठा
डीडी नगर निवासी हरीश चन्द्र का सात साल का बेटा भरत घर के बाहर खेल रहा था। आवारा श्वान बैठा हुआ था। भरत ने उसे हटाने का प्रयास किया तो श्वान ने भरत के पैर को मुंह में दे लिया। इससे भरत की चीख निकल गई। बच्चे को बचाने के लिए मोहल्ले के काफी लोग एकत्रित हो गए, लेकिन श्वान ने भरत का पैर तब छोड़ा जब पैर से मांस का टुकड़ा अलग हो गया। उसे तत्काल जेएएच ले जाया गया। लेकिन इस हादसे से पूरा मोहल्ला दहशत में आ गया।
गर्मी में बढ़ रहे हमले, उग्र हो रहे श्वान
नगर निगम ने निजी संस्था को श्वान को बधियाकरण करने का जिम्मा दे रखा है। लेकिन बधियाकरण का काम लगभग बंद है। जिससे श्वान की संख्या शहर में तेजी से बढ़ रही है। इन्हें खाने पीने के लिए पर्याप्त न मिलने से यह उग्र हो जाते हैं। गर्मी बढ़ते ही श्वान के हमले तेज हो जाते है और सबसे अधिक बच्चों को अपना शिकार बनाते हैं। इसलिए घर के बाहर बच्चों पर ध्यान रखें।


