सीएम की घोषणा के बाद रफ्तार हुई तेज:निगम के सर्वे में शहर में 233 अवैध कॉलोनियां हकीकत में आंकड़ा 330 के पास पहुंच गया

लोकमतसत्याग्रह/नेशनल हाइवे के किनारे ही नहीं गांव के पहुंच मार्गों के आसपास खेतों में अवैध कॉलोनियां तेजी से बनती जा रही हैं। नगर निगम ने दिसंबर 2016 के बाद से दिसंबर 2022 तक बनी अवैध कॉलोनियों का सर्वे कराया था, जिसका आंकड़ा देख अफसरों की आंखें खुली रह गईं। यह आंकड़ा 233 तक जा पहुंचा था। निगम के अफसरों ने इन पर एक्शन लेने का प्लान तैयार ही किया था। तभी चुनावी साल को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिसंबर 2022 तक की अवैध कॉलोनियों को वैध करने की घोषणा कर दी।

हालांकि इसको लेकर कोई दिशा-निर्देश शासन स्तर से नहीं आए, लेकिन इसका फायदा उठाकर अवैध कॉलोनियों को काटने का काम रफ्तार पकड़ गया। निगम के जानकार कहते हैं कि आठ महीने में 330 के आसपास कॉलोनी और काट दी गईं। इनको कहीं न कहीं राजनैतिक संरक्षण मिला हुआ है। नगरीय क्षेत्र के वार्ड 60, 61, 62, 63, 64, 65 और 66 में सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनी कट रही हैं। निगम के सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि बड़ागांव क्षेत्र ने अवैध कॉलोनी काटने में बाजी मारी है। यहां पर निगम के सर्वे के मुताबिक 35 कॉलोनी बताई जा रही हैं। लेकिन अब 50 के आस-पास कॉलोनियां काट कर भूखंड बेच दिए गए हैं।

सरकारी जमीनों को भी नहीं छोड़ा

  • वार्ड-66 में पिपरौली-सालूपुरा क्षेत्र के सर्वे क्रमांक 89-90 में सरकारी जमीन पर कब्जा कर कॉलोनी काट दी गई है। इसकी शिकायत वार्ड की पार्षद उषा मावई ने आयुक्त हर्ष सिंह से की।
  • निगम को पुरानी छावनी में फायर ब्रिगेड मुख्यालय बनाने के लिए जमीन मिली थी। यहां पर सुमावली के एक जनप्रतिनिधि ने कब्जा कर भूखंड बेच दिए थे। निगम ने जाकर तुड़ाई कर जमीन को मुक्त कराया था।

ये आएंगी भविष्य में दिक्कतें

  • सड़क 25 फीट चौड़ी होना चाहिए। 10-20 फीट ही बना रहे।
  • सीवर लाइन तो डाल रहे। सीवर कहां निकलेगा। भराव के बाद बदबू आएगी।
  • पानी की लाइन तो डाल रहे। लेकिन बोरिंग की गहराई कम।
  • कई कॉलोनी वाले ट्रांसफार्मर तक नहीं रख रहे हैं।
  • बारिश के पानी के निकास की व्यवस्था नहीं।

एक्सपर्ट व्यू
अखिलेंदु अरजरिया, सेवानिवृत्त आयुक्त ननि

निगम टीएंडसीपी को राजस्व हानि हो रही है

शासन की शह का फायदा अवैध कॉलोनी काटने वाले उठा रहे हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि अंतत: कॉलोनी को राजनैतिक पार्टी वैध करा ही देंगी। ये सब चुनाव साल में ज्यादा देखने को मिलता है। इससे नगर निगम सहित टीएंडसी को राजस्व का नुकसान होता ही है। भूखंड खरीदने वालों को पूरी जांच करके ही जमीन खरीदना चाहिए।

कार्रवाई की प्लानिंग कर रहे तैयार

नगर निगम की बिना स्वीकृति के बसने वाली अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करने की प्लानिंग हो रही है। जल्द शहर में असर भी दिखाई देगा।
हर्ष सिंह, निगमायुक्त

अवैध कॉलोनी का डेटा इकट्ठाकिया

जहां भी अवैध कॉलोनियां बन रही हैं। उन पर सख्त एक्शन होगा। शिवपुरी लिंक रोड के पास कॉलोनी का डेटा एकत्रित कर लिया है।
अक्षय सिंह, कलेक्टर

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