लोकमतसत्याग्रह/गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन अक्षय निगम और जेएएच समूह के अधीक्षक डॉ. आरकेएस धाकड़ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आरके राजौरिया को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से डीन ने कहा है कि प्राय: देखने में आ रहा है कि निजी अस्पतालों द्वारा बिना किसी सूचना के जयारोग्य चिकित्सालय समूह के लिए मरीज रैफर कर दिए जाते हैं।
ऐसे मरीजों की स्थिति बेहद नाजुक व मरणासन्न वाली हाेती है। कुछ मरीजों को ऑक्सीजन लगाकर भेजा जाता है। जो मरीज स्थानांतरण के दौरान और गंभीर स्थिति में आते हैं या मृत हो जाते हैं, उनके परिजनों द्वारा जयारोग्य चिकित्सालय में लड़ाई-झगड़ा तथा गंभीर आरोप स्टाफ पर लगाए जाते हैं।
डीन ने सीएमएचओ से कहा है कि आपके अधीनस्थ आने वाले समस्त निजी अस्पताल के संचालकों/ चिकित्सकों काे निर्देशित करें कि वह अपने मरीज को रैफर करने से पूर्व संबंधित विभाग के चिकित्सक से संपर्क जरूर करें, जिससे संबंधित विभाग के खाली पलंगों की स्थिति पता कर सहमति के बाद ही मरीज को शिफ्ट कराया जाए।
वहीं इस मामले पर सीएमएचओ ने कहा है कि डीन और अधीक्षक का यह आदेश व्यावहारिक नहीं है। डीन ने कड़े शब्दों में कहा है कि इस आदेश को गंभीरता से पालन कराया जाए अन्यथा इसके लिए संबंधित निजी अस्पताल के डॉक्टर जिम्मेदार होंगे।


