जमीन के लिए मांगा अभिमत:प्रदूषण रहित फर्नीचर, फूड क्लस्टर बनेंगे, रेलवे कोच फैक्ट्री को मालनपुर में लगाने की तैयारी, केदारपुर में क्लस्टर के लिए स्थान किया तय

लोकमतसत्याग्रह/शहरवासियों को चार बड़ी सौगात इस साल तक मिल सकती है। इसके लिए अलग-अलग विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शिवपुरी लिंक रोड से सटे केदारपुर में फूड और फर्नीचर कारोबार के लिए क्लस्टर बनाए जाएंगे। यहां इंडस्ट्रीज लगाने वाले हर कारोबारी को अपनी यूनिट को प्रदूषण रहित रखना होगा।

उद्योग विभाग द्वारा इस क्लस्टर के लिए सरकारी खाते की 19 हेक्टेयर जमीन मांगी गई है। जिसका प्रस्ताव संभागीय आयुक्त के पास भेजा गया था और अब इस पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अभिमत मांगा गया है। जिसके बाद क्लस्टर के लिए जमीन मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा। एमपीआईडीसी के अधिकारियों के मुताबिक मालनपुर में रेलवे कोच फैक्ट्री लगाने की तैयार है। एमपी आयरन कंपनी ने अपने पुराने ड्यूज माफ करने की मांग सरकार से की है। स्वीकृति होने पर इस पर नया प्लांट लगाने की तैयारी है।

फर्नीचर, फूड और थोक कपड़ा बाजार बिखरा हुआ है, इसलिए कारोबार पर पड़ रहा है असर
1 फर्नीचर: ग्वालियर में फर्नीचर का बहुत बड़ा काम है। दौलतगंज और इससे लगा क्षेत्र इसी काम के लिए पहचाना जाता है। लेकिन फर्नीचर तैयार करने की इंडस्ट्रीज महाराजपुरा, बिरला नगर इंडस्टि्रयल एरिया के अलावा बहोड़ापुर, सिकंदर कंपू, वीरपुर, गिरवाई, मुरार आदि क्षेत्रों में चल रही हैं। अधिकारियों के अनुसार इनकी संख्या 120 के आसपास हैं और अभी सब बिखरा हुआ है। क्लस्टर बनने के बाद फर्नीचर इंडस्ट्रीज एक जगह पर आ जाएंगी। इससे इस इंडस्ट्री को अलग पहचान मिलेगी।

2 फूड: पैक्ड फूड आयटम के अलावा दूसरे फूड का कारोबार ग्वालियर में लगातार बढ़ रहा है। बानमोर, मालनपुर में फूड इंडस्ट्रीज के लिए अलग से सेक्टर बने हैं और इनके अलावा बाराघाटा, गिरवाई, कंपू, महाराजपुरा, चिरवाई पर भी फूड प्रॉडक्ट की यूनिट हैं। अधिकारियों के अनुसार ग्वालियर में फूड आयटम की मिलाकर 300 यूनिट ऐसी हैं। जिनसे दूसरे प्रदेशों में भी सप्लाई होती है। ऐसी यूनिटों के लिए क्लस्टर की डिमांड चल रही है। क्लस्टर बनने से यह सभी एक ही जगह पर आ जाएंगे।

3 कपड़ा थोक बाजार: शहर में थोक कपड़ा बाजार को एक जगह पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। अभी यह बाजार 3 हिस्सों में है। नया बाजार, गांधी मार्केट, हेमराज मार्केट। जिस कारण बाहर से कपड़ा खरीदने के लिए आने वाले लोगों को एक जगह सभी वैरायटी नहीं मिल पाती। चेंबर ऑफ कॉमर्स में हुई बैठक में थोक कारोबारियों ने एक व्यवस्थित बाजार की मांग उठाई। जिस पर प्रशासन भी सहमत है और कारोबारियों की संख्या व जरुरत के हिसाब से0 जगह तय होगी।

4 एमपी आयरन: मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में रेल के बोगी (कोच) बनाने की फैक्ट्री लग सकती है। मालनपुर में सालों पहले बंद एमपी आयरन फैक्ट्री की 270 एकड़ जमीन पर यह फैक्ट्री शुरू करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इसके लिए कंपनी के प्रतिनिधियों ने सरकार से पुराने ड्यूज माफ करने की मांग की है। एमपी आयरन पर बिजली कंपनी का 56 करोड़, एमपीआईडीसी के लीज रेंट व मेंटेनेंस आदि के 17.5 करोड़ रुपए बाकी है। साथ ही कुछ बैंक की लेनदारी भी है।

क्लस्टर के लिए चल रही है प्रक्रिया
केदारपुर में क्लस्टर के लिए जमीन आवंटित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही ये पूरी हो जाएगी और उद्योग विभाग को जमीन मिल जाएगी। जिसके बाद उक्त जमीन पर क्लस्टर तैयार कराए जाएंगे। इसके लिए प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी, ताकि इस वर्ष तक यह मूर्तरूप ले सके। दीपक सिंह, संभागीय आयुक्त

केदारपुर के पास जमीन की है चिह्नित
फूड और फर्नीचर क्लस्टर बनाए जाने के लिए केदारपुर में 19 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। जिसका प्रस्ताव बनाकर संभागीय आयुक्त के पास भेजा गया था। जमीन आवंटन को लेकर टीएंडसीपी की तरफ से कुछ जानकारी मांगी गई है, जिसे भेज रहे हैं। राजेंद्र सिंह, महाप्रबंधक/ जिला उद्योग केंद्र

झांसीआगरा से तभी दे सकेंगे टक्कर
आगरा झांसी में थोक बाजार एक ही जगह पर हैं। जिससे ग्वालियर का ग्राहक उन बाजारों में शिफ्ट होने लगा है। हम लोगों ने शासन स्तर पर एक व्यवस्थित थोक कपड़ा बाजार का प्रस्ताव दिया है। जिस पर सभी सहमत हैं और जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। डॉ. प्रवीण अग्रवाल, अध्यक्ष/ चेंबर ऑफ कॉमर्स

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