लोकमतसत्याग्रह/शहर में 11 दिन बाद भले ही मानसून ब्रेक समाप्त हो गया हो, लेकिन घाटीगांव के कैचमेंट एरिया में वर्षा न होने के कारण तिघरा बांध का जल स्तर अब चिंताजनक स्थिति में है। तिघरा का जल स्तर पर 53 प्रतिशत पर पहुंच गया है यानी बांध 47 प्रतिशत अब भी खाली है। बांध से अभी रोज पानी की सप्लाई की जा रही है। इसके चलते जलसंसाधन विभाग ने बुधवार को नगर निगम आयुक्त हर्ष सिंह को पत्र लिखकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है।
मार्च के आखरी सप्ताह तक ही पानी की आपूर्ति हो पाएगी
पत्र में उल्लेख किया गया है कि तिघरा की वर्तमान स्थिति और पेहसारी, ककैटो व अपर ककैटो से पानी लिफ्ट करने पर भी प्रतिदिन सिर्फ 169 दिन ही यानी मार्च के आखिरी सप्ताह तक पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। ऐसे में अब जरूरी है कि शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की प्लानिंग की जाए। शहर में गत मंगलवार से वर्षा का दौर शुरू हुआ है। दो दिन में 31.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो तिघरा को भरने के लिए नाकाफी है। प्रतिदिन 12 से 13 एमएलडी पानी बांध से लिया जा रहा है, जिसके कारण जलस्तर कम हो रहा है। एक ककैटो डेम को छोड़ दिया जाए, तो पेहसारी और अपर ककैटो डेम की स्थिति भी चिंताजनक है। वर्तमान में ककैटो डेम 93 प्रतिशत भरा हुआ है, जबकि अपर ककैटो डेम 43 प्रतिशत और पेहसारी 77 प्रतिशत ही भरा है।
पेहसारी व ककैटो डेम से भी पानी लिफ्ट किया जाए तो शहर के लिए अपर्याप्त होगा
पेहसारी और ककैटो से अगर तिघरा के लिए पानी लिफ्ट भी किया जाएगा, तो भी यह शहर की प्यास बुझाने के लिए अपर्याप्त होगा। ऐसे में जरूरी है कि तिघरा बांध प्राकृतिक रूप से वर्षा के पानी से ही भरा जाए। इसके लिए कैचमेंट एरिया में वर्षा होना जरूरी है। यही कारण है कि जलसंसाधन विभाग ने अब नगर निगम को एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति करने की तैयारी के लिए पत्र लिख दिया है।


