लोकमतसत्याग्रह/केंद्र सरकार को रद्दी से एक हजार करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है। दरअसल केंद्र सरकार अगले महीने से स्वच्छता अभियान के तीसरे संस्करण की शुरुआत करने जा रही है। इस दौरान सरकारी कार्यालयों की सफाई के बाद जो बेकार फाइलें या अन्य रद्दी निकलेगी, उसे बेचकर केंद्र सरकार को करीब एक हजार करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है।
2 अक्तूबर से होगी शुरुआत
डिपार्टमेंट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स एंड पब्लिक ग्रीवांसेस के सचिव वी श्रीनिवास ने बताया कि केंद्र सरकार संस्थागत सफाई और लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए समर्पित है। स्वच्छता अभियान का स्पेशल कैंपेन 3.0 की शुरुआत 2 अक्तूबर से होने जा रही है और यह 31 अक्तूबर तक चलेगा। इस दौरान सभी सरकारी कार्यालयों में सफाई की जाएगी। 1989 बैच के आईएएस अधिकारी एस श्रीनिवास ने बताया कि स्वच्छता अभियान का दूसरा संस्करण खासा सफल रहा था और इस दौरान सभी मंत्रालयों और सरकारी विभागों में स्वच्छता अभियान के तहत पूरे साल हर हफ्ते तीन घंटे सफाई को दिए गए।
100 नोडल अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
अभियान के तहत 100 से ज्यादा नोडल अधिकारियों को इस सफाई अभियान की जिम्मेदारी दी गई है। स्वच्छता अभियान के दूसरे संस्करण के दौरान 1.37 लाख जगहों पर सफाई की गई और इस दौरान निकली रद्दी से करीब 520 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। एस श्रीनिवास के अनुसार, दूसरे संस्करण के दौरान सरकारी कार्यालयों से करीब 50 लाख फाइलें हटाई गईं और इससे 172 लाख स्कवायर फीट का ऑफिस स्थान खाली हुआ। 31.35 लाख मामले निपटाए गए। अब तीसरे संस्करण के तहत 31 अक्तूबर 2023 तक करीब 1000 करोड़ रुपये की कीमत की रद्दी निकल सकती है। साथ ही इस अभियान से 100 लाख स्कवायर फीट ऑफिस स्थान खाली होगा।
बता दें कि सरकारी कार्यालयों में सफाई के लिए स्वच्छता अभियान के पहले संस्करण की शुरुआत अक्तूबर 2021 में हुई थी। स्वच्छता अभियान के तीसरे संस्करण की शुरुआत केंद्रीय कार्मिक मंत्री जितेंद्र सिंह 14 सितंबर को नेशनल मीडिया सेंटर में करेंगे। 15-30 सितंबर तक सभी कार्यालय अपने-अपने यहां बेकार फाइलों की पहचान करेंगे और फिर इन्हें अलग कर दिया जाएगा।


