लोकमतसत्याग्रह/विशेष न्यायाधीश, सीबीआई (व्यापमं मामले) ग्वालियर ने व्यापमं द्वारा आयोजित पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2012 से संबंधित मामले में लाभार्थी उम्मीदवार सत्यवीर कुशवाह को चार वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 14400 का जुर्माना भी लगाया है। सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश नौ जुलाई,2015 के अनुपालन में 2015 को वर्तमान मामला दर्ज किया एवं पूर्व में पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा (पीसीआरटी) 2012 में परनामधारण करके धोखाधड़ी करने के आरोप पर सत्यवीर कुशवाह एवं अन्यों के विरुद्ध पुलिस स्टेशन देहात, भिंड में दर्ज प्राथमिकी दर्ज कर जांच की। इससे पूर्व, राज्य पुलिस द्वारा जांच पड़ताल की गई थी। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध पुलिस सिपाहियों के उंगलियों के निशान-हस्तलेखों के नमूने प्राप्त किए गए एवं ओएमआर शीट व आरएएसए पर अंगूठे के निशान-हस्तलेखों के साथ तुलना की गई जो मेल नहीं खाते थे। सीएफएसएल की रिपोर्ट एवं नमूना फिंगरप्रिंट-हैंडराइटिंग के साथ अतिरिक्त प्रमाण प्राप्त किए गए, जिसमें उक्त आरोपी के संबंध में मेल न होने की पुष्टि हुई। सीबीआई ने अगस्त 2016 को सक्षम न्यायालय में पूरक आरोप पत्र दायर किया। विचारण अदालत ने उक्त आरोपी को दोषी


