17 दिन में मिले 106 डेंगू पेशेंट:जहां बच्ची की मौत हुई, वहां 164 घरों के सर्वे में 20 में मिला लार्वा

लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर में डेंगू अब जानलेवा होता जा रहा है। रविवार को दिल्ली में ग्वालियर की एक आठ वर्षीय बच्ची भावेशा ने दम तोड़ दिया है। वह सात दिन से तेज बुखार से पीड़ित थी। 14 सितंबर को उसे एक नर्सिंग होम में भर्ती किया गया था जहां डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद 16 सितंबर को बच्ची को दिल्ली रैफर किया गया था जहां रविवार शाम को उसने दम तोड़ दिया।

यह डेंगू से पहली मौत हो बीते 17 दिन में शहर में डेंगू के 106 केस मिल चुके हैं। अब तक डेंगू पेशेंट की संख्या 179 हो चुकी है। जिस बच्ची की मौत हुई है वह विवेक विहार में रहती है। जब यहां सर्वे किया गया तो 164 घरों में से 20 घर में डेंगू का लार्वा मिला है। मतलब बच्ची के आसपास डेंगू का लार्वा पनप रहा था।

शहर में डेंगू से एक मौत के बाद स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गया है। शहर के विवेक विहार निवासी शशांक भार्गव की 8 साल की बेटी भावेशा की रविवार को दिल्ली में डेंगू से मौत हो गई है। डॉ. दीपक अग्रवाल ने बताया कि भावेशा के परिजन भर्ती कराने से पहले ही डेंगू की जांच कराकर आए थे। मोबाइल पर परिजन ने डेंगू की रिपोर्ट दिखाई थी। भावेशा को डेंगू के साथ सेप्टीसीमिया भी था,जिसके कारण उसका ब्लडप्रेशर नहीं बढ़ रहा था। जिस कारण उसकी हालत हर घंटे बिगड़ रही थी। उसे दिल्ली रैफर किया गया था जहां उसने दम तोड़ दिया। उधर रविवार को जिला अस्पताल मुरार और जीआरएमसी के माइक्रो बायोलॉजी विभाग में डेंगू के 110 संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की गई। जांच में 16 मरीजों को डेंगू होने की पुष्टि हुई। इनमें से 9 मरीज ग्वालियर के हैं, जबकि 7 मरीज पड़ोसी जिलों के हैं। जिले में मिले इन 9 मरीजों को मिलाकर डेंगू के मरीजों संख्या जिले में 179 हो गई है।
जनवरी से जुलाई तक सिर्फ 34, अब 179 हुए डेंगू मरीज
ग्वालियर में बरसात के बीच डेंगू किस स्तर पर फेल रहा है यह अंदाजा आंकड़ों से पता लगता है। जनवरी 2023 से जुलाई 2023 तक ग्वालियर में सिर्फ 34 डेंगू के केस थे, लेकिन इसके बाद डेंगू के पेशेंट तेजी से सामने आने लगे। आज की स्थिति में 179 डेंगू केस हैं। बीते 17 दिन में 106 डेंगू केस मिले हैं जो अपने आप में काफी खतरनाक हो सकते हैं। बारिश के कारण जगह-जगह पानी भरा है जिस कारण डेंगू का लार्वा तेजी से पनप रहा है।
17 दिन में 106 नए मरीज, डेंगू लावा मिलने पर सिर्फ 10 पर ही जुर्माना
शहर में डेंगू डेंजर हो गया है। अभी तक डेंगू के मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के बाद वह ठीक होकर घर पहुंच रहे थे लेकिन अब डेंगू जानलेवा भी हो गया है। डेंगू कितना घातक होता जा रहा है इसका पता इसी बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर के महज 17 दिन में डेंगू के 106 नए मरीज सामने आ गए और एक मरीज की मौत हो गई। इसके बाद भी प्रशासन इसे लेकर गंभीर नहीं है। शहर में जहां डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। वहां देखने में यह आ रहा है निर्माणाधीन मकान और खाली पड़े प्लॉट और घरों के बाहर पशुओं के पानी पीने के लिए रखी टंकियों में लार्वा पनप रहे हैं। इसके बाद भी नगर निगम द्वारा जुर्माने का दिखावा किया जा रहा है। इसका पता इसी बात से लगता है कि इस माह 106 नए मरीज मिले हैं और नगर निगम ने सिर्फ 10 लोगों पर ही जुर्माने की कार्रवाई अबतक की है।
जुर्माना वसूल नहीं रहे, फोगिंग मशीनें गायब हैं
शहर के अंदर मच्छर जनित बीमारियां रफ्तार पकड़ रही हैं, लेकिन कार्रवाई में रफ्तार कम ही दिख रही है। अभी तक निगम ने सिर्फ 10 लोगों पर लार्वा मिलने पर जुर्माना किया है। हालांकि निगम की फो​गिंग मशीनें मैदान से गायब हैं। अब निगम खाली प्लॉट मालिकों पर ज्यादा सख्ती करने जा रहा है। उन पर जुर्माना किया जाएगा। निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि फोगिंग शहर में कराई जा रही है। साथ भी पिछले दिनों भूखंड मालिकों सहित अन्य लोगों के घरों पर लार्वा मिलने पर जुर्माने की कार्रवाई की गई है। भूखंड मालिकों पर विशेष ध्यान रखकर जुर्माना लगाया जाएगा।
66 वार्ड, मलेरिया रोकथाम टीम में सिर्फ 23 कर्मचारी
शहर के 66 वार्डों के लिए मलेरिया विभाग के पास सिर्फ 23 कर्मचारी ही हैं। इन कर्मचारियों को डेंगू पीड़ित मरीजों के घर के आसपास सर्वे कर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना है साथ ही जहां से शिकायत आ रही है वहां भी जाना है। मलेरिया विभाग इतने कम कर्मचारियों से डेंगू पर कैसे कंट्रोल पाएगा यह बड़ा सवाल है।
डेंगू से बचने यह करें उपाय
– घर के आसपास या घर के अंदर पानी नहीं जमने दें। कूलर, गमले, टायर में जमे पानी को तुरंत बहा दें।
– कूलर में यदि पानी है तो इसमें केरोसिन तेल डालें, जिससे कि मच्छर पनप ना पाए।
– डेंगू का मच्छर प्राय: दिन के समय काटता है। इसलिए दिन में मच्छरों के काटने से खुद को बचाएं।
– मच्छरदानी का उपयोग करें और मच्छरों को दूर करें।
– पानी की टंकियों को सही तरीके से ढंक कर रखें।
– बारिश के दिनों में फुल शर्ट ही पहनें, पावों में जूते जरूर पहनें, शरीर को कहीं से भी खुला ना छोड़ें।

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