मतदाता सूचियां पूरी तरह त्रुटि रहित और शुद्ध हों

लोकमतसत्याग्रह/मतदाता सूचियों की शुद्धता को लेकर भारत निर्वाचन आयोग गंभीर हैं। इसलिए आयोग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन कर त्रुटि रहित व शुद्ध मतदाता सूचियां तैयार करें। मतदाता सूची अच्छी होंगी तो चुनाव भी बेहतर ढंग से हो सकेंगे। यह बात प्रदेश के संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बंसत कुर्रे ग्वालियर जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूचियों के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अब तक हुए कार्य की समीक्षा कर रहे थे।

75 फीसद से कम मतदान न होने देने की कहा

श्री कुर्रे ने शुक्रवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय कुमार सिंह की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट के सभागार में जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ एवं एइआरओ) की बैठक ली। इस अवसर पर अपर कलेक्टर टीएन सिंह एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी एलके पाण्डेय भी मौजूद थे। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बंसत कुर्रे ने कहा कि मतदाता सूचियों में मृत लोगों के नाम कतई नहीं रहना चाहिए। सभी ईआरओ एवं एइआरओ इस पर विशेष रूप से ध्यान दें। उन्होंने मतदान प्रतिशत बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर स्वीप के तहत प्रभावी ढंग से मतदाता जागरूकता गतिविधियां चलाएं। प्रयास ऐसे हों कि जिले के किसी भी विधानसभा क्षेत्र में 75 प्रतिशत से कम मतदान न हो।

मतदाताओं की क्षेत्रवार की गई समीक्षा

बैठक में कलेक्टर एवं संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत प्राप्त फार्म 6, 7 व 8 के निराकरण स्थिति, ईपी व जेण्डर रेशियों, 1500 से अधिक मतदाता वाले मतदान केन्द्र, उम्र के हिसाब से सूची में मतदाताओं की स्थिति, थर्ड जेण्डर मतदाता, 80 वर्ष व 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता एवं दिव्यांग मतदाताओं की स्थिति की विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा की गई। साथ ही कहा गया कि 4 अक्टूबर को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद जिन मतदान केन्द्रों में 1500 से अधिक मतदाता हों, वहां पर सहायक मतदान केन्द्र स्थापित करना होंगे। इसके प्रस्ताव विधिवत रूप से आयोग को भेजे जाएं।

एक परिवार के मतदाता एक ही मतदान केन्द्र पर रहें

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय कुमार सिंह ने सभी ईआरओ व एइआरओ को निर्देश दिए इस बात का विशेष ध्यान रखें कि एक परिवार के मतदाता एक ही मतदान केन्द्र पर रहें। बीएलओ को घर-घर भेजकर इस का सत्यापन कराया जाए। इसमें किसी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा प्रयास ऐसे हों, जिससे थर्ड जेण्डर व 100 वर्ष से अधिक आयु के शतप्रतिशत मतदाता वोट डाले। इसी तरह प्रदेश की विशेष पिछडी जन जातियों में शुमार सहरिया मतदाताओं को भी शतप्रतिशत मतदान करने के लिये प्रेरित करें।

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