लोकमतसत्याग्रह/गुर्जर महापंचायत के दौरान हुए उपद्रव में ग्वाालियर के तीन थानों में कुल पांच मुकदमें दर्ज किए। बिजनौर से बसपा सांसद मलूक नागर और सपा विधायक अतुल प्रधान सहित 23 नामजद और 500 अज्ञात लोगों पर एफआइआर दर्ज की गई।
इनके अलावा रामप्रीत गुर्जर, रुपेश यादव, देवू गुर्जर, सट्टा किंग संतोष घुरैया का भाई सुरेन्द्र घुरैया(पति जिला पंचायत उपाध्यक्ष), ममता भाटी दिल्ली, निहाल सिंह, भूपेंद्र गुर्जर, जंदेल गुर्जर, रुस्तम सिंह, मकरंद बौद्ध, डा, पुष्पेंद्र बौद्ध, लोकेन्द्र गुर्जर सिरोल, डीके गुर्जर, गिर्राज सिंह कककड़ खेड़ा, मानवेन्द्र गुर्जर, दशरथ सिंह, प्रदीप गुर्जर, एपीएस गुर्जर, दिनेश कंसाना, गौरव शामिल है। यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने रात 1 बजे तहसीलदार शत्रुघ्न सिंह चौहान की शिकायत पर आईपीसी की धारा 332,427, 353, 147,148,149 के तहत पथराव, बलवा, शासकीय कार्य में बाधा डालने, शासकीय सम्पति को नुकसान पहुँचाने की एफआईआर दर्ज की है।
फूलबाग पर पुलिस की गाड़ी फोड़ दिखा दिए थे इरादे
शहर में उपद्रव की प्लानिंग पहले से रची जा चुकी थी। फूलबाग पर गुर्जर समाज के करीब दस हजार लोग इकठ्ठे हुए। इन्हें फूलबाग मैदान में सभा में शामिल होना था, लेकिन यह लोग सड़क पर हंगामा करने लगे। कभी राहगीरों की गाड़ियां रोक रहे थे तो कहीं पुलिस की ही गाड़ी पर हमला कर दिया। इस उपद्रव के शुरू होने से करीब तीन घंटे पहले ही आताताईयों ने अपने इदारे जाहिर कर दिए थे, लेकिन पुलिस अफसर इसे भांपने में चूक गए। इतना ही नहीं इंटेलिजेंस का भी इनपुट था, यह लोग उपद्रव कर सकते हैं। फिर भी कोई ठोस प्लानिंग इन्हें रोकने की नहीं हुई। नतीजन- कलेक्ट्रेट पर पूरी प्लानिंग के साथ इन लोगों ने पहले पुलिस पर हमला किया, फिर कलेक्ट्रेट में उपद्रव करने के बाद शहर से लेकर हाइवे तक उत्पात मचाया। फूलबाग पर दोपहर करीब 2 बजे पार्किंग में यह लोग हंगामा करने लगे। तभी पुलिस ने टोका तो पुलिस की एक गाड़ी के कांच फोड़ दिए। इस दौरान भी पुलिस अफसरों से यह लोग बदसलूकी कर रहे थे। यहां से यह लोग ट्रैक्टर ट्राली और चार पहिया, दो पहिया वाहनों में सवार होकर कलेक्ट्रेट के लिए निकले। कलेक्ट्रेट पर पुलिस अफसर फोर्स के साथ पहले से तैनात थे।


