लोकमतसत्याग्रह/इस बार विधानसभा चुनाव में कैश, सोना या कोई कीमती माल पकड़ने जाने पर फ्लाइंग स्क्वाड दल यानी एफएसटी-एसएसटी खुद कार्रवाई कर निराकरण नहीं कर सकेंगे। अब इस बार से संबंधित विभागों के ही अधिकारियों को नोडल बनाया गया है। जैसे कैश पकड़े जाने पर इनकम टैक्स के अधिकारी को बुलाया जाएगा और सोना पकड़े जाने पर जीएसटी विभाग के अधिकारी ही कार्रवाई करेंगे।
प्रदेश में इस बार विधानसभा चुनाव को लेकर आयोग का सख्त रवैया है, जिसको लेकर इस तरह के निर्देश जारी किए जा रहे हैं। पहले के चुनाव में फ्लाइंग स्क्वाड अपने स्तर पर कार्रवाई कर लेते थे, लेकिन अब प्रभावी कार्रवाई के लिए बदलाव किया गया है। यहां यह बता दें कि प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं और अक्टूबर माह में आचार संहिता प्रभावी हो जाएगी। चार अक्टूबर को मतदाता सूची का फायनल प्रकाशन कर दिया जाएगा, जिसके बाद चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी। हर बार की तरह इस बार भी एफएसटी, वीएसटी, वीवीटी, एसएसटी टीमों का गठन किया गया है जो व्यय से लेकर अलग-अलग व्यवस्थाओं पर निगरानी रखती हैं। इस बार इन टीमों द्वारा शराब, कैश व सोना ऐसा पकड़े जाने पर संबंधित विभाग के आयोग द्वारा नियुक्त किए गए अधिकारियों को सूचना देना होगी। कुछ मतदान केंद्रों की बढ़ेगी संख्या: इस बार कुछ मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
ग्वालियर जिले में ऐसे 18 मतदान केंद्र सामने आए हैं, जहां वोटर की संख्या 1500 से ज्यादा है। इन मतदाताओं को निकटस्थ मतदान केंद्रों में शिफ्ट किया जाएगा और कुछ नए केंद्र बनाए जाएंगे। अभी तक ग्वालियर में एक भी सहायक मतदान केंद्र नहीं है और अब इस बार भी नहीं बनाया जा रहा है।
बीएलए साथ में कर रहे काम
इस बार बूथ लेवल एजेंट यानी पार्टी के एजेंट भी बीएलओ के साथ काम कर रहे हैं। घर-घर सत्यापन किया जा रहा है, जिसमें कई मृत मतदाता व रिपीटेड भी सामने आ रहे हैं। प्रदेश में ग्वालियर व अन्य कुछ ही जिले ऐसे हैं जहां इस बार बीएलए भी बीएलओ के साथ काम कर रहे हैं।


