वायरल का तेजी से हो रहा ट्रांसमिशन,इसलिए बीमारी फैल रही व देरी से ठीक हो रही

लोकमतसत्याग्रह/वातावरण में नमी के कारण वायरल संक्रमण पनप रहा है।लेकिन भीड़ भाड़ के चलते इसका ट्रांसमिशन चौगुनी रफ्तार से हो रहा है। इस कारण से बीमारी तेजी से फैल रही है और देरी से ठीक भी हो रही है। गजराराजा मेडिकल कालेज के डा संजय धवले का कहना है कि वायरल संक्रमण पिछले वर्ष के मुकाबले दो गुना रफ्तार से बढ़ा है। संभवत: वायरस इस बार मजबूत भी हुआ है तथा लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता उसे रोकने में उतनी सक्षम नहीं हो पा रही है। जिसके कारण सर्दी,जुकाम,खांसी,बुखार, फैला हुआ है। बरसात के चलते मच्छर जनित बीमारियां भी तेजी से बढ़ी है। जिनका उपचार चिकित्सक लक्षण के आधार पर कर रहे हैं। बच्चों से लेकर बड़े तक मौसमी बीमारियों की चपेट में आने से नहीं बच पा रहे हैं। यही कारण है कि ओपीडी 50 फीसद से अधिक मरीज मौसमी बीमारियों के हैं

तेज बुखार और सिर दर्द के साथ आ रहे मरीज

जेएएच के मेडिसिन विभाग के डा अर्चना गुप्ता का कहना है कि इस वक्त ओपीडी में तेज बुखार और सिर दर्द,खांसी की समस्या लेकर आ रहे हैं। जांच में डेंगू,मलेरिया या अन्य कोई बीमारी नहीं मिलती तब लक्षण के आधार उनका उपचार किया जाता है। लेकिन बुखार से राहत पाने में 5 से 10 दिन का वक्त लग रहा है। डा मनीष शर्मा का कहना है कि बुखार, सिर दर्द की समस्या लंबे समय तक लोगों को परेशान कर रही है। बुखार ठीक होने के बाद भी हल्का बुखार कई दिनों तक लोगों को परेशान करता है, इस दौरान पौष्टिक अहार और आराम बेहद आवश्यक है अन्यथा फिर से बीमार होने की आशंका रहती है।काफी सारे मरीजाें को भर्ती कर उपचार तक देना पड़ता है।जेएएच के मेडिसिन विभाग के डा विजय गर्ग का कहना है कि कई मरीजों को बुखार के लिए बुखार की दवा के साथ एंटीबायोटिक दवा देनी पड़ रही है।इसके बाद भी बुखार ठीक होने में वक्त लग रहा है।

सर्दी,जुकाम के सर्वाधिक मरीज

मौसम में परिवर्तन के कारण छोटे बच्चे सर्दी,जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं।किसी को हल्का तो किसी में तेज बुखार के लक्षण पाए जाते हैं। केआरएच के बाल एवं शिशुराेग विशेषज्ञ डा रवि अंबे का कहना है कि छोटे बच्चे मौसम में तेजी से हो रहे परिवर्तन के कारण निमोनिया तक के शिकार बन रहे हैं। बच्चों में तेज बुखार के साथ उल्टी,दस्त की शिकायत है। इसके अलावा डेंगू की शिकायत अधिक मिल रही है तथा खराब खान पान या सफाई न रखने से टाइफाइड की शिकायत भी देखी जा रही है।

यह रखें सावधानी

  • बाहार का खान पान न करें।
  • भीड़ भाड़ वाले स्थान पर न जाएं।
  • घर से बाहर निकलें तो मास्क का प्रयोग करें।
  • किसी भी वस्तु काे स्पर्श करने पर हाथ सैनेटाइज करें।
  • मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए पूरे आस्तीन के कपड़े पहनें।
  • स्वच्छ पानी का सेवन करें,पानी को गर्म कर ठंडा करने के बाद ही पिएं।
  • पौष्टिक अहार लें ,जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी,भोजन में मोटा अनाज शामिल करें।

Leave a comment