लोकमतसत्याग्रह/ रात के एक बजे का समय, वार्ड तीन में कटी घाटी से जीवाजीगंज को जोड़ने वाली सड़क का कायाकल्प योजना के तहत निर्माण, मौके पर न ठेकेदार न नगर निगम की ओर से कोई इंजीनियर, ठेकेदार का एक आदमी जो एक तरफ बैठा था, लेबर दनादन सड़क बिछाए जा रहे थे। ग्वालियर में सड़काें के निर्माण को लेकर आधीरात की यही हकीकत है। नगर निगम के पास ट्रैफिक का बहाना है लेकिन मौके पर बेपरवाही के साथ सड़क बिछाने की जल्दबाजी स्पष्ट है।
ये सड़कें की गई शामिल
प्रदेश सरकार के कायाकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में प्रथम चरण में जिन सड़कों का चयन किया गया है, उनकी स्थिति ज्यादा खराब है। इन्हें प्राथमिकता से बनाने के लिए इस योजना में जोड़ा गया है। इस योजना के अंतर्गत ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र ग्वालियर की अधिकांश सड़कों को शामिल किया गया है।
वहीं महापौर डा. शोभा सिकरवार के पति डा. सतीश सिकरवार ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से विधायक होने से इस क्षेत्र की सड़कों और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़कों को शामिल किया गया है, जबकि दक्षिण विधानसभा की सिर्फ तीन-चार सड़कें ही शामिल की गई हैं। प्रथम चरण में 22.99 किमी की 23 सड़कें 25 करोड़ 32 लाख रुपए में बनाई जानी हैं। इसमें 12.50 करोड़ रुपए की प्रदान की गई है।
ठेका कर्मी बोला- नगर निगम से कोई नहीं
सोमवार रात लगभग एक बजे वार्ड-दो-तीन से होकर निकलने वाली घोसीपुरा स्टेशन रोड जो कायाकल्प के तहत बनाई जा रही थी, उसका मुआयना किया। यहां डामर की रोड बनाने शाम से तैयारी की गई थी जिसके बाद रात में डामरीकरण का कार्य शुरू किया गया। रात एक बजे यहां मौजूद ठेकेदार के स्टाफ से पूछा कि सड़क रात में क्यों बन रही है, उसने कहा कि ट्रैफिक दिन में काफी रहता है। इसके बाद पूछा कि रात में ऊंची-नीची या खराब सड़क बनेगी तो कौन देखेगा,उसने कहा कि यहां एक सुपरवाइजर है।
सुपरवाइजर से बात की तो उसने बताया कि नगर निगम की ओर से कोई नहीं है, हम लोग ही लेबर के साथ सड़क बिछा रहे हैं। ठेकेदार नरेंद्र सिंह चौहान द्वारा यह काम करवाना बताया।
कायाकल्प के तहत वार्ड तीन में बनाई जा रही सड़क रात में न बनाएं, इसको लेकर मैं सब इंजीनियर व अन्य अधिकारी को बोल देता हूं। मामले को दिखवाते हैं। –जेपी पारा, अधीक्षण यंत्री,जनकार्य,नगर निगम


