लोकमतसत्याग्रह/एलएनआइपीई में 250 से ज्यादा छात्र-छात्राओं के विषाक्त भोजन खाने से बीमार होने के मामले में गुरूवार को हजार बिस्तर अस्पताल से 29 और छात्र डिस्चार्ज हो गए। अब छात्र-छात्राओं की हालत में सुधार दिख रहा है। दो छात्र अभी गंभीर हैं। वहीं एलएनआइपीई के दो मैस सुपरवाइजर में से राजीव रंजन को निलंबित कर दिया गया है, अब नोटिस दिया जाएगा। केंद्रीय खेल मंत्रालय से जो ज्वाइंट सेक्रेटरी और अंडर सेक्रेटरी की दो सदस्यीय टीम आई थी वह गुरूवार सुबह वापस चली गई। इस टीम ने दो जांच कमेटी बनाई हैं जिसमें एक में पांच लोगों को शामिल किया गया है जो शनिवार तक अपनी रिपोर्ट देगी। दूसरी कमेटी 15 दिन में विस्तृत रिपोर्ट देगी। छात्र-छात्राओं के मैस की निगरानी कड़ी कर प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है, साथ ही जेएएच से लेकर गेस्ट हाउस व हास्टल में निगरानी-व्यवस्था देखने 8 कमेटियों का गठन किया गया जिसमें 30 अधिकारी शामिल हैं।
मैसे में खाना खाने से बिगड़ी थी 250 छात्रों की तबियत
एलएनआइपीई की मैस में सोमवार को खाना खाने के बाद 250 से अधिक छात्रों की तबियत बिगड़ गई थी। पनीर विषाक्त था, जिसे खाकर बीमार पड़े। यह पनीर सांची दुग्ध संघ से सप्लाई हुआ था। पहले तो संस्थान में इस घटना को दबाने का प्रयास हुआ, क्योंकि छात्रों का संस्थान के अंदर ही एक दिन तक इलाज किया गया। मंगलवार को जब 119 छात्रों की हालत नहीं सुधरी तो इन्हें जयारोग्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। बुधवार को 68 छात्र डिस्चार्ज हो गए थे। 51 अस्पताल में ही भर्ती थे। गुरुवार को भी 29 छात्र स्वस्थ्य होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज हुए। अब 22 छात्र अस्पताल में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से कई छात्र छुट्टी लेकर घर चले गए हैं। इसमें वह छात्र सबसे ज्यादा बीमार पड़े, जो दूसरे शहरों के रहने वाले हैं। कई छात्रों के स्वजनों को जब इसकी खबर लगी तो वह यहां आ गए। इन लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। उधर फूड विभाग खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग कर चुका है, जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है।
छात्रा का दर्द: पांच दिन पहले पिता नहीं रहे, सिर में चोट लगी, अब यह आफत
एलएनआइपीई में विषाक्त भोजन खाने से बीमार हुए छात्र-छात्राओं में एक छात्रा की कहानी दर्दभरी भी है। यह छात्रा बाहर की है और पांच दिन पहले ही पिता दुनिया से चले गए। जब घर गई तो वहां अचानक हैमर सिर में लग गया जिससे सिर का आपरेशन कराना पड़ा। इसके बाद एलएनआइपीई में परीक्षा थीं इसलिए जल्द यहां आना पड़ा। यहां आते ही कैंपस में खराब खाने के कारण यह स्थिति हो गई। यही वजह है कि इस छात्रा को आइसीयू में भर्ती कराना पड़ा था जिसके गुरूवार को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
आठ कमेटियां, 30 लोग: अंतरराष्ट्रीय गेस्ट हाउस में छात्रों की निगरानी
एलएनआइपीई प्रशासन ने इस मामले में आठ कमेटियों का गठन किया है, जिसमें शामिल कंवीनर और मेंबरों की डयूटी जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल से लेकर एलएनआइपीई के अंतरराष्ट्रीय गेस्ट हाउस व हास्टल में लगाई है। हजार बिस्तर से डिस्चार्ज छात्रों को सीधे हास्टल नहीं भेजा जा रहा है उन्हें पहले गेस्ट हाउस में दो दिन आबर्जेवेशन पर रखा जा रहा है फिर हास्टल शिफ्ट कर रहे हैं। छात्रों को एलएनआइपीई की मैस से ही खिचड़ी व अन्य आहार भेजा जा रहा है।
पनीर बाहर से नहीं आया, इस पर जांच
एलएनआपीई में जब खानपान सप्लाई का टेंडर हुआ था जो सांची दुग्ध संघ से ही पनीर लाने का अनुमोदन किया गया था। अधिकारी इस बात की भी आंतरिक पड़ताल कर रहे हैं कि सांची के अलावा कहीं बाहर से पनीर तो नहीं लाया गया। इसके अलावा मैस के खाने की क्वालिटी पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
छात्र–छात्राओं की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। पहले छात्र–छात्राओं को इंटरनेशनल गेस्ट हाउस में दो दिन रखा जा रहा है जहां मेडिकल टीम व जांच दल निगरानी कर रहे हैं। दो जांच कमेटी केंद्रीय टीम के निर्देश पर गठित की गई हैं। सुपरवाइजर को निलंबित किया गया है।
अमित यादव, प्रभारी रजिस्ट्रार, एलएनआइपीई


