फर्जी दस्तावेज के साथ पकड़े 30 अभ्यर्थी, पैराकमांडो के लिए 250 में से 45 का चयन

लोकमतसत्याग्रह/भारतीय सेना में फर्जी दस्तावेज लगाकर अग्निवीर बनने की कोशिश करने वाले 30 अभ्यर्थी पकड़े गए हैं। इन लोगों ने लिखित परीक्षा से लेकर शारीरिक प्रवीणता परीक्षा तक उत्तीर्ण कर ली। अंतिम चरण में जब इनके दस्तावेजों का वेरीफिकेशन करवाया गया तो इनका फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। यह सभी अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके थे, इसके बाद अपनी उम्र छिपाकर फर्जी दस्तावेज बनवाए। जिसमें जन्मतिथि बदलवाई और इन दस्तावेजों के जरिये ही अग्निवीर बनना चाह रहे थे। इन सभी को सेना ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया है।

उधर पैराकमांडो के लिए भी ग्वालियर के सेना भर्ती कार्यालय द्वारा भर्ती आयोजित की गई। इसमें 250 में से 45 अभ्यर्थियों का चयन पैराकमांडो के लिए हुआ है। भारतीय सेना में अग्निवीर भर्ती के लिए इस बार लिखित परीक्षा आयोजित हुई थी। लिखित परीक्षा में करीब साढ़े सात हजार अभ्यर्थियों का चयन शारीरिक प्रवीणता परीक्षा के लिए हुआ। ग्वालियर स्थित सेना भर्ती कार्यालय के अंतर्गत आने वाले प्रदेश के 14 जिलों के 841 अभ्यर्थी इसमें चयनित हुए हैं। इनका परीक्षा परिणाम 25 सितंबर को आया। इसके बाद 27 सितंबर से दस्तावेज परीक्षण प्रारंभ हुआ है। दस्तावेज परीक्षण के लिए प्रतिदिन 20 से 30 अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है। अब तक करीब 250 अभ्यर्थियों का दस्तावेज परीक्षण हुआ है, इसमें से 30 अभ्यर्थी फर्जी दस्तावेज के साथ पकड़े गए। इन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया। जहां के यह लोग रहने वाले हैं, वहां प्रशासन को इसकी सूचना दी जा रही है। इनके फर्जी दस्तावेज सेना के अधिकारियों ने जब्त कर लिए हैं।

20 मिनट में 5 किमी की दौड़ पूरी की, कठिन परीक्षा से गुजरे

पैराकमांडो भारतीय सेना की पैरा रेजीमेंट के जवान होते हैं। इनकी शारीरिक प्रवीणता परीक्षा सबसे कठिन होती है। जिन 841 अभ्यर्थियों का चयन अग्निवीर भर्ती के लिए हुआ था, उन्हीं में से पैराकमांडो का चयन होना था। ग्वालियर, भोपाल और जबलपुर सेना भर्ती कार्यालय द्वारा आयोजित भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की पैराकमांडो के लिए शारीरिक प्रवीणता परीक्षा ग्वालियर में ही हुई। 250 अभ्यर्थी शामिल हुए, इसमें से 44 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। 12 अभ्यर्थियों को रिजर्व कैटेगरी में रखा गया है। 44 में से 30 एआरओ ग्वालियर, 8 एआरओ भोपाल और 6 अभ्यर्थी एआरओ भोपाल के हैं। पैराकमांडो बनने के लिए अभ्यर्थियों ने 20 मिनट में 5 किलोमीटर की दौड़ पूरी की। 15 पुश अप, 40 सिटअप, जिग जैग सहित अन्य चरण हुए। इसमें मार्किंग के आधार पर इनका चयन हुआ।

सबसे ज्यादा भिंड और मुरैना के, उप्र के तीन फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए

जिन 30 अभ्यर्थियों को फर्जी दस्तावेज के साथ पकड़ा गया है, उसमें सबसे ज्यादा भिंड और मुरैना के रहने वाले हैं। उप्र के तीन फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए। यह लोग ओवरएज हो चुके हैं, इसके बाद जन्मतिथि बदलवाकर फर्जी दस्तावेज बनाए और परीक्षा में शामिल हो गए।

भारतीय सेना में अग्निवीर के लिए जिन अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, उनका दस्तावेज परीक्षण चल रहा है। इसमें अब तक करीब 30 अभ्यर्थी फर्जी दस्तावेज के साथ पकड़े गए हैं। इसमें से 3 उप्र के रहने वाले हैं। वहीं एआरओ ग्वालियर, भोपाल और जबलपुर के 250 अभ्यर्थियों में से 44 का चयन पैराकमांडो के लिए हुआ है। यह भर्ती ग्वालियर में ही संपन्न हुई है।

कर्नल संतोष कुमार डायरेक्टर, सेना भर्ती कार्यालय, मुरार

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