लोकमतसत्याग्रह/11 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने के लिए ब्रिटेन का उच्चायोग 2017 से हर साल ‘एक दिन के लिए उच्चायुक्त’ प्रतियोगिता का आजोजन करता आ रहा है।
इस वर्ष देश भर की प्रतिभाशाली युवा महिलाओं के 180 से अधिक आवेदनों में से चुना गया था। श्रेया (21 वर्षीय) ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की है और वर्तमान में वह मुंबई के एक सरकारी स्कूल में टीच फॉर इंडिया फेलो के रूप में पढ़ाती हैं।
श्रेया शिक्षा और बाल मनोविज्ञान के बारे में जानने को लेकर उत्सुक हैं। उनकी दिल्ली यात्रा और ठहरने का काम पार्टनर विस्तारा एयरलाइंस और शांगरी-ला होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के योगदान से संभव हो सका।
श्रेया ने कहा, “भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त के रूप में एक दिन बिताना अविश्वसनीय, ज्ञानवर्धनक, समृद्ध और संतुष्टि देने वाले अनुभव था। मुझे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व के प्रेरक उदाहरणों के साथ बातचीत करने और उनसे सीखने का मौका मिला। मैं सौभाग्यशाली हूं कि सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में भारत के प्रयासों के बारे में जीवंत चर्चा का हिस्सा बनने का अवसर मिला।”
उन्होंने आगे कहा, “मैंने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास में मदद करने में भारत-यूके एस्पायर कार्यक्रम के चमत्कारों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के साथ बात करने का मौका मिला। मैं अपने साथ लैंगिक समानता, संपूर्ण शिक्षा और सतत विकास लक्ष्यों के व्यापक दायरे के बारे में जीवन भर की सीख लेकर आयी हूं।”
एक दिन के उच्चायुक्त बनी श्रेया ने कहा, “इस अनुभव ने मुझमें एक नया आत्मविश्वास और प्रेरणा भर दी है, और मैं शिक्षा के क्षेत्र में एक युवा महिला के रूप में अपनी सभी सीखों का इस्तेमाल करने के लिए तत्पर हूं।”


