बिना जरूरत नहीं लेना चाहिए ऋण, ऋण मुक्ति के लिए बनाएं योजना

लोकमतसत्याग्रह/आज कल के दिखावे की दुनिया में एक दूसरे से हर कोई अागे निकलना चाहता है। इस चक्कर में हम लोग अपनी वित्तीय योजनाओं पर ध्यान नहीं देते और बिना हिसाब-किताब केवल अपने शौक इत्यादि के लिए नए नए ऋण लेने लगते हैं। जो हमारी और आपकी वित्तीय क्षमता पर बुरा प्रभाव डालता है।कर्ज मुक्ति के लिए वित्तीय योजना के अंतर्गत कर्जदार को चाहिए कि वो अपने समस्त कर्जों को उनकी ब्याज़ दर के अनुसार लिख ले।इनमें ऊंची ब्याज़ दर वाले ऋणों को सबसे ऊपर लिखें जैसे कि क्रेडिट कार्ड,पर्सनल ऋण इत्यादि।इसके बाद आपको अपने आय एवं व्यय को ठीक तरह से लिखने की जरूरत है।आय व्यय का अंतर आपकी बचत के रूप में सामने आता है।इस आय व्यय के अंतर का ठीक तरह से आकलन कर्जदार को करना आवश्यक है।

चार्टर्ड एकाउंटेंन्ट नेहा गर्ग के मुताबिक कर्जदार को व्यय के अंतर्गत बहुत ही ज्यादा ध्यान देना चाहिए कि ऐसे कौन से खर्चें हैं जिन्हें में या तो कम कर सकता हूं या जिनकी आवश्यकता वास्तविक रूप में है ही नहीं।ऐसे खर्चों की बचत को ऊंची ब्याज़ दर वाले ऋणों को चुकाने में प्रयोग किया जा सकता है।जब तक आवश्यक ना हो नए कर्ज़ लेने से बचना चाहिए,हम सामान्य तौर पर देखते हैं कि आज कल ईएमई पर चीजों को खरीदने का चलन बढ़ता जा रहा है तो अपनी आय के हिसाब से ही अपनी ऋण योजना बनाएं और उसी अनुसार ऋण लें।ऊंची ब्याज़ दर वाले ऋणों को चुकाने के लिए आप अपनी व्यक्तिगत रुचि पर काम करके कुछ अतिरिक्त आय कर सकते हैं जैसे कि आप अच्छे विडीयो एडिटर बन सकते हैं,फ़ोटो एडिटर बन सकते हैं,ब्लाग्स लिख सकते हैं या अपनी अन्य व्यक्तिगत योग्यता के हिसाब से आप अतिरिक्त आय के स्रोत निकाल सकते हैं। इसके अलावा ऐसे ऋणों को चुकाने के लिए आप अपने घर में देखेंगे कि आस पास ऐसी बहुत सी वस्तुएं पड़ी हैं जिनकों ना तो आपने लंबे समय से उपयोग किया है एवं दिनप्रतिदिन उनकी वैल्यू में कमी आ रही है जैसे पुराने मोबाईल फ़ोन,फर्नीचर,पुराने कपड़े,पुरानी किताबें,पुरानी गाड़ी इत्यादि को बेच कर जो पैसा आये उसे ऐसे ऊंची ब्याज़ दर वाले ऋण को चुकाने में प्रयोग कर सकते हैं।कर्जमुक्त होने के लिए कर्जदार की मनोस्थिति होनी चाहिये कि जल्द से जल्द सभी कर्जों से वो मुक्त होना चाहता है।समय पर ऋण ना चुकाए जाने पर कर्जदार का सिविल स्कोर भी प्रभावित होता हैं एवं वो डिफाल्टर हो जाता है।इसलिए आज ही अपनी वित्तीय योजना बना कर कर्ज़ मुक्ति पाने का प्रयास करें।

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