60 से 70 प्रतिशत शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी बढ़ाएगी छात्रों की समस्या

लोकमतसत्याग्रह/शिक्षकों की चुनावी ड्यूटी अब छात्रों के लिए बड़ी समस्या बन रही है। शिक्षकों का चुनावी ड्यूटी के दौरान स्कूल न आना और उस समय पढ़ाने के लिए अतिथि शिक्षकों की तैनाती छात्रों की पढ़ाई को बहुत प्रभावित करती है। स्कूलों के अधिकतर शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी में तैनात होना होता है तो ऐसे में प्राथमिक और माध्यमिक कक्षा के छात्रों के लिए तो फिर भी विकल्प बना लिया जाता है, लेकिन उच्च माध्यमिक शिक्षकों की गैर मौजूदगी छात्रों को बड़ी दुविधा में डाल देती है। इस बार चुनाव में शिक्षकों की तैनाती की बात करें तो प्रत्येक स्कूल के लगभग 60 से 70 प्रतिशत शिक्षकों की तैनाती चुनाव ड्यूटी में होगी। कई स्कूलों में तो न के बराबर शिक्षक रह जाएंगे। ऐसे में छात्रों की कक्षाओं का सुचारू रूप से संचालन कहीं न कहीं समस्या ही पैदा करेगा। रेगुलर टीचर की भरपाई नहीं : किसी विषय के रेगुलर टीचर की भरपाई कभी अतिथि शिक्षक नहीं कर पाते हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे ऐसा मानना है स्कूलों के प्राचार्यों का। वह बताते हैं कि एक शिक्षक जो नियमित रूप से किसी कक्षा में पढ़ा रहा हो उसे अनुमान रहता है कि किस छात्र की स्थिति क्या है, कक्षा का माहौल कैसा है, छात्रों को किस हिसाब से विषय के बारे में समझाया जाए तो उन्हें बेहतर समझ आएगा। वहीं अतिथि शिक्षक सिर्फ थोड़ा बहुत पढ़ाकर औपचारिकता ही निभा पाते हैं।

पढाई नहीं हो पाती तो लगती है एक्स्ट्रा क्लास

चुनावी ड्यूटी में जब शिक्षक तैनात होते हैं तो उसके बाद छात्रों के होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए एक्स्ट्रा क्लास लगानी पड़ती है। इससे न सिर्फ छात्रों की पढ़ाई का नुकसान होता है, बल्कि रुटीन भी खराब होता है। चुनाव की ड्यूटी की घोषणा के साथ ही स्कूलों में एक्स्ट्रा क्लास शुरू की जाने लगी है, जिससे छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो।

जहां परेशानी तो होती ही है, गेस्ट फैकल्टी से काम चलाते हैं। लोड भी बढ़ जाता है और छात्रों को भी असुविधा होती है। छात्रों को समस्या हो इसको लेकर तैयारी में हैं। आवश्यकता प़ड़ने पर विशेष कक्षाएं शुरू करेंगे।

रंजीत सिंह चौहान, प्राचार्य

सीएम राइज माडल स्कूल लगभग सभी टीचर ड्यूटी में तैनात होते हैं, ट्रेनिंग के लिए जिस दिन जाना होता है उस दिन क्लास ही नहीं हो पाती। इसका सीधा नकारात्मक परिणाम छात्र पर पड़ता है।

जितेंद्र सिंह भदौरिया, प्राचार्यए सीएम राइज पटेल स्कूल हजीरा

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