ग्रीन पटाखों से रोशन होगी दीपावली, पर्यावरण को खतरा नहीं, इसलिए 90 प्रतिशत स्टाक इन्हीं का

लोकमतसत्याग्रह/सबसे बड़े त्योहार दीपावली में अब सिर्फ 16 दिन बचे हैं। दीपावली को लेकर बाजार में रौनक बढ़ने लगी है। दीपावली के चलते अब शहर के पटाखा बाजार में भी भीड़ बढ़ने लगी है। आतिशबाजी के थोक बाजार में लोग खरीदारी करने के लिए पहुंचने लगे हैं। इस बार की दीपावली ग्रीन पटाखों से रोशन होगी। पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए आम लोग भी अब इको फ्रेंडली पटाखों की डिमांड करने लगे हैं, सामान्य आतिशबाजी की जगह इको फ्रेंडली पटाखों का उपयोग कर रहे हैं। इसके चलते कारोबारियों ने भी 90 प्रतिशत स्टाक ग्रीन पटाखों का ही मंगवाया है।

ग्रीन पटाखे कैसे हैं सुरक्षित

जब से वायु प्रदूषण बढ़ा है तो ग्रीन पटाखे प्रचलन में आए हैं। ग्रीन पटाखे सामान्य पटाखों की तुलना में पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करते। ग्रीन पटाखों में धूल को अवशोषित करने की क्षमता होती है। इनमें आवाज कम होती है, इसलिए वायु प्रदूषण ही नहीं बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी कम फैलाते हैं। इसमें बोरियम नाइट्रेट जैसे खतरनाक तत्व नहीं होते। सामान्य आतिशबाजी में बोरियम नाइट्रेट जैसे खतरनाक तत्व होते हैं, इसलिए यह हानिकारक हैं। ग्रीन पटाखे सामान्य पटाखों की तुलना में छोटे होते हैं, इनमें कच्चा माल भी कम इस्तेमाल होता है, इसलिए यह सामान्य आतिशबाजी की तुलना में 30 प्रतिशत तक कम प्रदूषण फैलाते हैं।

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