लोकमतसत्याग्रह/जिला अस्पताल का भवन लगभग बनकर तैयार है, जितना हिस्सा भवन को पूरी तरह से तैयार हो चुका है उसे जिला अस्पताल प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने सामान की शिफ्टिंग भी शुरू कर दी है। वार्ड में पलंग, गद्दे डाले जा चुके हैं। अगले दो दिन में मरीजों को भर्ती करना शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बुधवार से कैजुअल्टी चालू कर दी जाएगी, जिसके बाद मरीज भर्ती शुरू हो जाएंगे। गौरतलब है कि पिछले दो महीने से जिला अस्पताल के निर्माण को लेकर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि प्रसूतिगृह में चल रही ओपीडी में यदि डाक्टर मरीजों को भर्ती होने की सलाह देता है तो उसे भर्ती होने के लिए हजीरा सिविल अस्पताल जाना पड़ता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए अब अस्पताल प्रबंधन जल्द से जल्द नवीन भवन में ओपीडी और आइपीडी शुरू करने का प्रयास कर रहा है।
हड्डी के मरीजों को सबसे अधिक परेशानी
जिला अस्पताल में पहुंचने वाले हड्डी की मरीजों को सबसे अधिक परेशानी आ रही है। क्योंकि न तो उनका आपरेशन ठीक से हो पा रहा है और न हीं उनकी देख रेख। इसलिए सबसे पहले हड्डी वार्ड चालू करने के प्रयास किए गए। इससे यहां पर मरीजों को भर्ती कर ठीक से उपचार मिल सके। इधर जिला अस्पताल के नवीन भवन में चार ब्लाक ए,बी,सी,डी में पलंग डल चुके हैं, जिन पर अगले दो दिन में मरीज पहुंच जाएंगे।
इस कारण से हो रही देरी
नवीन भवन का आधा हिस्सा बनकर तैयार है, लेकिन छिटपुट खामियां को दूर होने में वक्त लग रहा है, जबकि आधा हिस्सा पूरी तरह से भवन का तैयार होने में अभी करीब छह महीने का वक्त लगेगा। ओपीडी को शिफ्ट करने में ही अभी एक सप्ताह का वक्त लग सकता है, क्योंकि काफी सारी समस्याएं है जिसके चलते ओपीडी और आइपीडी ठीक से चालू नहीं हो पा रही है।
वार्ड में पलंग शिफ्ट कर दिए गए हैं। अगले दो दिन में कैजुअल्टी चालू कर देंगे, जिसके बाद मरीज भर्ती होना शुरू हो जाएंगे। मरीजों को सिविल अस्पताल भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अगले एक सप्ताह में मरीजों की परेशानी को देखते हुए ओपीडी भी शुरू कर दी जाएगी।
डा. आलोक पुरोहित, आरएमओ


