लोकमतसत्याग्रह/डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच जुगाड़ से लार्वा सर्वे चल रहा है। सर्वे में एनजीओ का सहारा न मिले तो मच्छरों का कुनबा बढ़ जाए। हालात यह हैं कि मलेरिया विभाग के पास डबरा, भितरवार, घाटीगांव क्षेत्र में मलेरिया इंस्पेक्टर तक नहीं हैं। ऐसे में इन इलाकों में लार्वा सर्वे नहीं हो पा रहा है। मलेरिया विभाग स्वयं के 23 और 20 एनजीओ के कर्मचारियों के साथ मिलकर अब तक 4 लाख 85 हजार 635 घरों का सर्वे कर पाया है। सर्वे में 20 हजार 472 घरों में लार्वा मिला।
कर्मचारियों की कमी से प्रभावित है लार्वा सर्वे का काम
विभाग दावा कर रहा है कि लार्वा सर्वे के लिए 30 से 35 टीमों को मैदान में उतारा गया है, लेकिन कर्मचारियों की कमी के चलते 66 वार्डों में लार्वा सर्वे का काम प्रभावित हो रहा है। मलेरिया विभाग को 12 कर्मचारियों को छह माह के लिए अस्थाई तौर पर भी रखना पड़ा है। इसके बाद भी 16 लाख की आबादी तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। डेंगू पाजिटिव मरीज मिलने के बाद टीमें हरकत में आती हैं और मरीजों के घर पहुंचकर सर्वे करती हैं। मलेरिया विभाग के अधिकारी भी इस बात को स्वीकार करते हैं कि लार्वा सर्वे में दिक्कत आ रही है।
सिर्फ हस्तिनापुर में एमआई
मलेरिया विभाग पर कर्मचारियों के साथ मलेरिया इंस्पेक्टर भी पर्याप्त नहीं है। हस्तिनापुर में एमआई हैं, लेकिन वह भी जल्द सेवानिवृत्त होने वाले हैं। डबरा, भितरवार, घाटीगांव पहले से ही एमआई विहीन है। यहां आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से काम लिया जा रहा है, जिससे लार्वा सर्वे का काम ठीक तरह से नहीं हो पा रहा है। एमपीडब्ल्यू को मलेरिया इंस्पेक्टर का दायित्व दे रखा है।
डेंगू की पाजिटिविटी रेट 7.3
पीड़ित मरीजों के सैंपलों को एलाइला जांच से गुजर जाने पर पाजिटिविटी दर 7.3 सामने आई है। डेंगू पाजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से पाजिटिविटी दर और बढ़ सकती है। पाजिटिविटी दर को लेकर मलेरिया अधिकारी का कहना है कि दूसरे जिले के मरीज भी सूची में हैं, इसलिए पाजिटिविटी दर ज्यादा है।
शुक्रवार को तीन क्षेत्रों में किया लार्वा सर्वे
गुरुवार को 12 डेंगू पाजिटिव मरीज सामने आने के बाद शुक्रवार को सर्वे के लिए टीमें ग्वालियर क्षेत्र के रेशम मिल, इंद्रा कालोनी, मुरार क्षेत्र के एमएस चौराहा, सीपी कालोनी, हुरावली, गोदाम बस्ती, लश्कर क्षेत्र के गाढ़वे की गोठ, गुड़ा गुड़ी का नाका क्षेत्र में टीमें सर्वे करने पहुंची। टीमों ने पीड़ित मरीज के घर के साथ आसपास के इलाके में लार्वा सर्वे कर दवा का छिड़काव किया।


