लोकमतसत्याग्रह/देसी-विदेशी शराब के ग्राहकों की तरह आबकारी अमले की कार्रवाई के आंकड़ों में बड़ा अंतर है। विधानस सभा चुनाव में मतदान से पहले की गई कार्रवाई में अंग्रेजी शराब आबकारी विभाग को नहीं मिली। अमला 60 लीटर शराब ही पकड़ सका, इस तरह फेल हो गया। वहीं कच्ची शराब की कार्रवाई में आंकड़े मजबूत सामने रखे गए हैं। कुल 71 लाख का माल पकड़ना बताया गया है। अंग्रेजी शराब की धरपकड़ में कमजोर दिखी आबकारी की टीम इससे कटघरे में भी है। एक और खास बात कि प्रदेश में शराब दुकानों के अहाते बंद होने के बाद से शहर में होटल, ढाबे व रिसोर्ट शराब के ठिकाने बन गए, लेकिन कहीं भी अमले ने बड़ी कार्रवाई नहीं की, जबकि शिकायतों के ढेर है। बता दें कि विधानसभा चुनाव में अवैध शराब, मादक पदार्थ व धनराशि सहित ऐसी चीजों को लेकर कार्रवाई के अभियान चलाए गए थे। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विभागों ने अलग अलग स्तर पर कार्रवाई की। आबकारी विभाग ने अपनी कार्रवाई के जो आंकड़े जारी किए हैं उनमें नौ अक्टूबर 2023 यानी आचार संहिता लागू होने से लेकर 26 नवंबर 2023 तक के आंकड़े जारी किए हैं। इसमें कुल 71 लाख से अधिक राशि की मदिरा पकड़ना बताया गया है। आबकारी विभाग जिला ग्वालियर द्वारा सहायक आबकारी आयुक्त संदीप शर्मा के निर्देशन में विधानसभावार छह टीमों का गठन कर नियमित रूप से अवैध मदिरा के विक्रय, विनिर्माण, परिवहन, संग्रहण पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए व्यापक अभियान चलाकर अवैध मदिरा के 385 प्रकरण कायम कर 262 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार करके अधिकांश को न्यायालय में पेश किया जाकर लगभग तीन लाख से अधिक की दंड-पेनाल्टी राशि आरोपित की गई है। वहीं तीन दिसंबर को मतगणना के दिन को शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस दौरान ज़िले की समस्त मदिरा दुकानों को बंद रखा जाएगा।
यह बताई जब्ती
· 871 बल्क लीटर देसी मदिरा।
· 2894 बल्क लीटर हाथ भट्टी मदिरा।
· 61550 किलो ग्राम गुड़ लाहन।
· 60 बल्क लीटर विदेशी मदिरा/स्प्रिट।
· 164 बल्क लीटर बीयर जब्त।
· कुल 3989 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त।


