मतगणना का गणित: भाजपा के दोगुने एजेंट तैयार,कांग्रेस के भी रिजर्व में

लोकमतसत्याग्रह/भारत निर्वाचन आयोग की ओर से भले ही मतगणना के लिए भाजपा और कांग्रेस के मतगणना एजेंटों को ट्रेनिंग दी जा रही हो लेकिन हकीकत में प्रत्याशियों का भरोसा सबसे अहम होगा। इस बार भी अधिकतर वही चेहरे मतगणना में टेबलों पर बैठेंगे जो पहले भी टेबलों पर गणना के दौरान अपनी सतर्कता व लगन का परिचय दे चुके हैं। यही कारण है कि ऐसे चेहरों को रिपीट किया जाता है। भाजपा ने इस बार दोगुने से ज्यादा मतगणना एजेंट रिजर्व में रखे हुए हैं जिससे किसी भी स्थिति में परेशान न हो। उधर कांग्रेस का डाकमत पत्रों पर फोकस सबसे ज्यादा है इसी कारण 14 टेबलों पर एक-एक इंचार्ज भी तैयार किया है जो निगरानी रखेगा। इसके अलावा कांग्रेस ने भी तीन से चार लोग अतिरिक्त गणना के लिए रखे हैं जिससे जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग किया जा सके। दोेनों दलों में एक बात कामन है कि भरोसेमंद चेहरे हर बार की तरह इस बार भी गणना में जिम्मेदारी संभालेंगे।

यह बता दें कि 17 नवंबर को मतदान होने के बाद अब तीन दिसंबर को मप्र विधानसभा चुनाव के लिए मतगणना होना है। इस मतगणना को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रशासन के अधिकारियों ने एमएलबी में तैयारी की है। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी और पहले डाकमत पत्रों की गिनती होगी। इसके बाद ईवीएम के मतों की गिनती बराबर से की जाएगी। इस बार पोस्टल बैलेट के लिए अलग से टेबल लगेंगी जिसमें सबसे ज्यादा टेबल ग्वालियर पूर्व की 6 लगाई जाएंगी और दूसरे नंबर पर ग्वालियर विधानसभा में पांच टेबल लगेंगी। इसको लेकर ग्वालियर प्रशासन की ओर से निर्वाचन आयोग से प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी गई है। पोस्टल बैलेट की अलग टेबल लगने से समय बचेगा इसलिए इस बार यह अनुमति मांगी गई है। वहीं इस बार आयोग का कहना है कि जिन विधानसभाओं में 300 से ज्यादा मतदान केंद्र है वह अपने यहां सुविधा के अनुसार टेबल बढ़ा सकते हैं, इसलिए इस बार ग्वालियर पूर्व और ग्वालियर में 21-21 टेबल लगाई जाएंगी। निर्वाचन आयोग को इसको लेकर प्रस्ताव भी भेजा है जोकि मंजूर होकर आना शेष है।

पार्टियों ने 14 टेबलों पर निगरानी के लिए बनाई प्रभारी

मतगणना के दिन हर पल निगाह बनी रहे और चौकसी में कोई चूक न हो इसको लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने एजेंटों के साथ साथ टेबलों के उपर भी प्रभारी बनाए हैं। 14 टेबल पर एक इंचार्ज होगा जो पार्टी का कर्मठ कार्यकर्ता होगा,वह 14 टेबलों का गणित चेक करेगा और उच्च स्तर पर रिपोर्ट देगा। भाजपा हो या कांग्रेस दोनों दलों का लगभग इसी तरह का पैटर्न रहेगा।

विधानसभा प्रभारियों ने जारी की सूचियां

भाजपा के विधानसभा प्रभारी नेताओं ने मतगणना में शामिल रहने वाले कार्यकर्ताओं की बाकायदा सूची भी जारी की,इनकी ट्रेनिंग भी हो चुकी है जिसमें दोगुने लोगों के नाम जारी किए गए। कमी पड़ने पर इन्हें लिया जा सका। भाजपा के ग्वालियर, पूर्व और दक्षिण विधानसभा प्रभारियों ने सूची जारी की हैं।

सुबह 8 बजे से डाक मतपत्र,9 बजे से ईवीएम के मतों की गिनती

भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के मुताबिक 3 दिसम्बर को सुबह 8 बजे डाक मत पत्रों की गिनती शुरू होगी। इसके आधा घंटे बाद ईवीएम के वोटों की गिनती शुरू की जायेगी। दोनों प्रकार के मतों की गिनती समानान्तर रूप से जारी रह सकेगी। डाक मत पत्रों की गिनती के लिये लगाई जाने वाली हर टेबल पर एक गणना पर्यवेक्षक, दो गणना सहायक व एक माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए जायेंगे। इस प्रकार डाक मत पत्र की टेबल पर चार अधिकारी नियुक्त होंगे। मतगणना के लिये एमएलबी कालेज में हर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतों की गिनती के लिये दो-दो मतगणना कक्ष बनाए गए हैं। प्रत्येक कक्ष में 7-7 टेबल लगाई जायेंगीं। इस प्रकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 14 टेबलों पर ईवीएम के मतों की गणना का काम संपादित होगा। डाक मत पत्रों की गिनती के लिए अलग से टेबल लगाई जायेंगीं। ईवीएम व डाक मत पत्रों की गिनती के लिए लगाई गईं सभी टेबलों पर प्रत्याशियों के गणना एजेंट मौजूद रह सकेंगे।

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