ट्रेने रद होने से हर दिन सवा लाख रिफंड कर रहा रेलवे, सात दिन में नौ लाख लौटाए

लोकमतसत्याग्रह/बुदनी-बरखेड़ा, मथुरा और झांसी-दतिया के बीच चल रहे तीसरी लाइन के नान इंटरलाकिंग कार्यों के चलते 30 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं। इन ट्रेनों में पहले से आरक्षण करा चुके यात्रियों को अब लाइन में लगकर टिकट कैंसिल कराना पड़ रहे है। पिछले सात दिनों से ट्रेनों की चाल बिगड़ी है और टिकट काउंटरों पर भीड़ नजर आ रही है। इस अवधि में रेलवे हर दिन लगभग सवा लाख रुपये यात्रियों को रिफंड कर रहा है। पिछले सात दिनों में रेलवे ने यात्रियों को लगभग नौ लाख रुपये का रिफंड लौटाया है। मंगलवार को बरौनी मेल के रद होने से लगभग 25 टिकट कैंसिल कराए गए। उधर ट्रेनों के कैंसिल होने पर स्टेशन पर यात्रियों की काफी भीड़ नजर आ रही है। यह भीड़ ट्रेनों के जनरल कोच के अलावा स्लीपर कोचों पर भी कब्जा जमा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी स्लीपर कोच के यात्रियों को झेलनी पड़ रही है, क्योंकि जनरल कोच के यात्री ट्रेन में चढ़ने के बाद गेटों को बंद कर देते हैं। ट्रेन जब प्लेटफार्म पर रुकती है, तो आरक्षण कराकर सफर करने पहुंचे यात्रियों के साथ विवाद की स्थिति बन रही है। उन्हें ट्रेन में चढ़ने के लिए खासी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति लगभग हर ट्रेन में बन रही है। ऐसे में आरपीएफ के पास भी शिकायतें पहुंच रही हैं और जवानों को मौके पर पहुंचकर यात्रियों की भीड़ को व्यवस्थित करना पड़ रहा है।

36 दिन निरस्त रहेगी बरौनी मेल

उत्तर रेलवे के बाराबंकी में चल रहे नान इंटरलाकिंग कार्य के चलते रेलवे ने बरौनी मेल को 36 दिन के लिए निरस्त कर दिया है। ट्रेन क्रमांक 11123 ग्वालियर-बरौनी मेल 11 दिसंबर से 15 जनवरी और ट्रेन क्रमांक 11124 बरौनी-ग्वालियर मेल को 12 दिसंबर से लेकर 16 जनवरी तक निरस्त किया गया है। ये ट्रेन इस बीच पूरी तरह से कैंसिल की गई है। इसके चलते कानपुर और लखनऊ जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

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