लोकमतसत्याग्रह/अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जेएएच में नए नए बने हजार बिस्तर अस्पताल में अगर तबीयत आज खराब है तो अल्ट्रासाउंड पांच दिन बाद होगा। मरीजों की पीड़ा से कोई लेना देना नहीं है। मरीजों काे पांच पांच दिन की वेटिंग बताकर पर्ची दी जा रही है। दूसरा इसी हजार बिस्तर में कानों से जुड़ी समस्या है तो इलाज नहीं हो पाएगा। यहां इएनटी विभाग में बेरा और आडियोमेट्री मशीन खराब होने की पर्ची चिपका कर मरीजों को लौटाया जा रहा है। यह दोनों मशीनें ठप पड़ीं हैं,कोई देखने वाला नहीं है। आलीशान इमारत और बड़े नाम के अस्पताल में ऐसी हालत होगी, यह हैरतभरा है। खास बात यह कि इन अव्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारों के पास बहानों के अलावा कुछ नहीं है।
जेएएच की ओपीडी में रोजाना ढाई से तीन हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें से कई मरीजों को परीक्षण के बाद चिकित्सक अल्ट्रासाउंड की जांच लिखते हैं। जांच के लिए मरीज लाइन में लगकर नंबर लेता है, लेकिन मरीज को पांच दिन बाद की पर्ची थमा दी जाती है। अगर कोई मरीज पेट में दर्द की शिकायत लेकर जेएएच पहुंचता है और उसे अल्ट्रासाउंड कराने की जरुरत पड़ती है, तो उन्हें अगले पांच दिन का समय दिया जा रहा है। इससे मरीजों को मजबूरन बाहर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है। कमोबेश यह स्थिति इएनटी विभाग में भी देखी जा रही है।बेरा और आडियोमेट्री मशीन खराब होने से सबसे ज्यादा दिक्कत कान के मरीजों को झेलना पड़ रही है। बेरा मशीन से बेहरेपन की जांच और आडियोमेट्री मशीन से सुनने की क्षमता की जांच पूरी तरह से ठप हैं।
इएनटी: नौटंकी देखिए, सूचना दे दी है पर विशेषज्ञ कब आएगा पता नहीं इएनटी विभाग के जांच कक्ष के बाहर एक छोटी पर्ची लगाकर बेरा और आडियोमेट्री मशीन के खराब होने की सूचना मरीजों को दी गई है। दरअसल बेरा मशीन से कान के मरीजों की सुनने की क्षमता का पता लगाया जाता है। मशीन खराब होने से ऐसे मरीज वापस लौटकर जा रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने मशीन को दुरुस्त करने के लिए संबंधित को सूचना दे दी है, लेकिन अब तक मशीन दुरुस्त करने तकनीकी विशेषज्ञ नहीं पहुंच सका है। यह सब बहानेबाजी है।
बीमारी के बीच दर्द की कहानियां: इनका क्या दोष
ममता: इलाज नहीं पर्ची मिली, लौटना पड़ा
जांच के लिए लाइन में लगी ममता पत्नी राम का नम्बर आया, तो अल्ट्रासांउड पंजीयन की खिड़की से उसे एक पर्ची थमा दी गई। जिस पर 19 दिसम्बर की तारीख लिखी थी। ममता से खिड़की पर बैठे कर्मचारी से पूछा अब अल्ट्रासाउंड हो जाएगा, तो उसे जबाव मिला 19 तारीख को आना। ऐसे में ममता को वापस लौटना पड़ा।
अमरेश: वेटिंग घटाने अड़े पर जाना पड़ा वापस
अल्ट्रासाउंड जांच कराने लाइन में लगे अमरेश सिंह निवासी ग्वालियर की पर्ची पर भी 19 तारीख लिखी थी। अमरेश से बताया कि उसे अल्ट्रासाउंड आज कराना था, लेकिन पांच दिन बाद आने को कहा है। अमरेश से कुछ समय तो तारीख कम कराने के लिए जद्दोजेहद की, लेकिन बात नहीं बनने पर वापस जाना पड़ा।
पीआरओ का झूठ-पर्ची पुरानी लगी होगी
अल्ट्रासाउंड जांच की वेटिंग खत्म करने के लिए संबंधितों को निर्देशित किया जाएगा। आडियोमेट्री मशीन से जांच हो रही हैं। अगर कोई पर्ची लगी तो यह वह पुरानी होगी। बेरा मशीन को लेकर संबंधित से जानकारी ली जाएगी।
डा. वीरेन्द्र वर्मा, पीआरओ, जेएएच


