अंचल में मंत्री मंडल के गठन का ब्रेसब्री से इंतजार

लोकमतसत्याग्रह/ग्वालियर-अंचल में मंत्री मंडल के गठन का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। मंत्री पद के दावेदार नव निर्वाचित विधायक भी सूची में उनका नाम है कि नहीं, इस सवाल पर जबरदस्त संस्पेंश हैं। दावेदार द्वारा बैठक में मौजूद नेताओं से संपर्क करने पर एक ही जवाब मिल रहा है कि बस थोड़ा इंतजार करें। भाजपा के मंत्री मंडल के गठन में गुजरात फार्मूलें से पहली बार निर्वाचित होकर विधानसभा पहुंचे विधायकों को मंत्री मंडल में स्थान मिलने की उम्मीद है और पिछले दो बार से अधिक बार निर्वाचित हुए सीनियर विधायक इस फार्मूले से कुछ निराश है। किंतु सबकी नजरें दिल्ली और भोपाल की गतिविधियों पर टिकी हुई है। हालांकि राजनीति में कोई फार्मूला स्थाई नहीं होता है। कुल मिलाकर लोकसभा चुनाव को दृष्टिगत रखते जातीय व क्षेत्रीय समीकरण ही मंत्री मंडल के गठन का मूल आधार होगा। संभावना जताई जा रही है कि मंगलवार की शाम तक मंत्री मंडल के गठन की तस्वीर साफ हो जाएगी। यह तय माना जा रहा है कि मंत्री मंडल का गठन दो बार में किया जाएगा।

मंत्री मंडल के गठन को लेकर दिल्ली में बैठक हो चुकी है

रविवार को नवागत मुख्यमंत्री डा मोहन सिंह यादव को कूनो आना था और वापसी में ग्वालियर से दिल्ली जाना था, लेकिन मंत्री मंडल के गठन को लेकर चल रही कवायद के तहत मुख्यमंत्री भोपाल से सीधे दिल्ली पहुंच गए। रात में वरिष्ठ नेताओं के बीच मोहन सरकार के मंत्री मंडल के गठन को लेकर दिल्ली में मंथन हो चुका है। नाम भी लगभग फाइनल की स्थिति में है। बस एक-दो संशोधनों के बाद मंत्री मंडल की सूची घोषित कर शपथ दिलाना शेष है। राज्यपाल मंगू भाई पटेल भी अपने निर्धारित कार्यक्रम से एक दिन पहले गुजरात से भोपाल लौट आए हैं।

अंचल में पांच विधायकों को स्थान मिलने की उम्मीद

ग्वालियर-अंचल की 34 सीटों में से भाजपा 18 सीटें जीतने कामयाब हुई है। अंचल के आठों जिलों से छह विधायकों को स्थान मिलने की उम्मीद की जा रही है। ग्वालियर से एक, भिंड से एक मुरैना से एक, शिवपुरी व गुना से एक-एक निर्वाचित विधायकों को मंत्री मंडल में शामिल किए जाने की उम्मीद है। पहली बार निर्वाचित हुए विधायक भी मंत्री मंडल में शामिल होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। परिवर्तन के इस दौर में सीनियर विधायक मंत्री मंडल में स्थान मिलने को लेकर संशय की स्थिति में हैं।

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