15 दिन तक बाहर से ही दर्शन करने होंगे भगवान अचलनाथ के, जाने क्यों

लोकमतसत्याग्रह/अचलेश्वर मंदिर के रामदरबार के साइड के द्वार का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने वाला है। इसके साथ ही फ्लोरिंग का काम नव वर्ष के पहले या दूसरा सप्ताह से शुरु होने की उम्मीद है। फ्लोरिंग में मकराना या वियतनाम टाइल का उपयोग किए जाने पर विचार किया जा रहा है। फ्लोरिंग निर्माण के लिए एक पखबाड़े तक मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही पर रोक लगाने का अनुरोध कान्टेक्टर ने समिति से किया है। कान्टेक्टर के अनुरोध पर बुधवार को मंदिर संचालन समिति की बैठक में विचार कर इस पर निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही मंदिर के व्यवस्था के संबंध में और विंदु पर भी बैठक में विचार किया जाएगा।

मकराना या वियतनाम के टाइल मंदिर की सुंदरता बढ़ायेंगें

द्वार का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मंदिर के फ्लोरिंग का निर्माण कार्य शुरु किया जायेगा। मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए टाइल पसंद किए जा रहे हैं। कान्टेक्टर जगदीश मित्तल ने बताया कि अभी यह तय नहीं किया गया है कि मंदिर में कौन से टाइल लगाये जाएं, किंतु मकराना व वियतनाम के टाइल लगाने पर विचार किया जा रहा है। टाइल के संबंध में मंदिर के संचालन समिति से चर्चा कर इसप पर अंतिम निर्णय लेंगे। इस संबंध में टाइल लगाने वाले कारीगारों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। फ्लोरिंग का कार्य नव वर्ष के पहले व दूसरे सप्ताह में शुरु होने की उम्मीद है।

एक पखबाड़े के लिए श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट बंद करने पड़ेंगे

अचलेश्वर मंदिर के निर्माण से जुड़े कारीगारों का कहना है कि फ्लोरिंग निर्माण के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही को रोकना पड़ेगी। क्योंकि प्रतिदिन मंदिर में दो से तीन हजार लोग दर्शन व शिवलिंग पर जल अर्पित करने के लिए आते हैं। फ्लोरिंग का निर्माण श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगाए बगैर संभव नहीं हैं। फ्लोरिंग व उसके बाद मंदिर के पत्थर को साफ करने में लगभग 15 दिन का समय लगेगा। कान्टेक्टर का कहना है कि फ्लोरिंग निर्माण के लिए 15 दिन के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का अनुरोध मंदिर के संचालन समिति से किया है। मंदिर में पूजा-अर्चना व आरती के लिए पूजारी प्रवेश कर सकते हैं। बस गर्भ गृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगानी होगी। श्रद्धालुओं इस अवधि में बाहर से भगवान अचलनाथ के दर्शन कर सकते हैं।

बुधवार को होगी मंदिर संचालन समिति की बैठक

अचलेश्वर मंदिर की संचालन समिति की बैठक अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश उच्च न्यायालय निशीथ मोदी की मौजूदगी में बुधवार को होगी। बैठक का कोई तय एजेंड़ा तो नहीं हैं, लेकिन मंदिर की व्यवस्थाओं पर चर्चा की जाएगी। मंदिर में फ्लोरिंग का निर्माण भी होना है। इस पर भी बैठक में विचार किया जाएगा।

वीरेंद्र शर्मा, अचलेश्वर मंदिर लेखाधिकारी

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