नरेंद्र सिंह तोमर 16वीं विधानसभा के 19वें अध्यक्ष चुने गए, कांग्रेस ने भी दिया अपना समर्थन

लोकमतसत्याग्रह/पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को 16वीं विधानसभा का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। बुधवार को हुए चुनाव में वे निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। वे विधानसभा के 19वें अध्यक्ष हैं। इसके साथ ही ग्वालियर चंबल से आने वाले पहले विधानसभा अध्यक्ष हैं। उनके निर्वाचन पर सदन के सभी सदस्यों ने उन्हें बधाई दी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर व्यक्ति नहीं एक पूरी संस्था हैं। मैंने उन्हें कभी धैर्य खोते नहीं देखा। वे अटल बिहारी बाजपेयी की तरह मप्र में अजातशत्रु हैं। 

 सीएम ने रखा प्रस्ताव सिंघार ने किया समर्थन
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने तोमर के नाम का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन नेताप्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने किया। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी तोमर के नाम का प्रस्ताव रखा और प्रह्लाद पटेल ने उसका समर्थन किया। कैलाश विजयवर्गीय ने भी तोमर के नाम का प्रस्ताव रखा जिसका समर्थन डिफ्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने किया।  कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने भी तोमर के नाम का समर्थन किया।



वार्ड अध्यक्ष से विधानसभा अध्यक्ष तक 
1977 में युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष बने। 96 में युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष। 1998 में पहली बार विधायक चुने गए। 2003 में दूसरी बार विधायक बने। 2003 से 2008 तक के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे। 2008 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद 2009 में लोकसभा के रास्ते केंद्र में पहुंचे। 2012 में एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष का जिम्मा सौंपा। 2014 में लोकसभा सदस्य चुने गए और केंद्रीय मंत्री भी बने। 19 में भी लोकसभा सदस्य चुने गए और केंद्रीय मंत्री बने। 2023 में पार्टी ने एक बार फिर उन्हें विधायक का टिकट दिया। वे जीते और अब उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है।

हंसी मजाक में बोले प्रह्लाद पटेल 
इस दौरान नरसिंहपुर से विधायक प्रह्लाद पटेल ने कहा कि अब आप पर वह टिप्पणियां नहीं कर पाएंगे, जो साथ रहते हुए आपका मार्गदर्शन लेते हुए की जाती थी।

मैं जिस सदन में रहा हूं उसका अलग अनुभव: कांग्रेस विधायक
इस दौरान विजयपुर से कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत बोले कि मैं जिस सदन में रहा हूं, उसका अलग अनुभव रहा है। नरेंद्र सिंह तोमर जी आप धैर्य की परिभाषा है। आपको विधायक का लंबा अनुभव है। बहुमत के आधार पर अध्यक्ष जी का चयन होता है, लेकिन आसंदी पर पहुंचकर आप सभी का संरक्षण करेंगे यही विश्वास है।


पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गरीश गौतम
इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गरीश गौतम ने नए अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को दी बधाई। इसके साथ ही बोले कि विधानसभा अध्यक्ष मैं भी रहा हूं, इस पद की एक गरिमा है। हम सब का विश्वास है आप इस पद का सम्मान बरकरार करते हुए इसे आगे बढ़ाएंगे।

विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने पर गोपाल भार्गव ने भी दी तोमर को बधाई
इस दौरान गोपाल भार्गव बोले कि मेरे 40 वर्ष के इस कार्यकाल में कई विधानसभा अध्यक्ष रहे, जिनके साथ काम किया। इस विधानसभा में जितने अनुभवी और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले सदस्य हैं ऐसा मध्य प्रदेश के विधानसभा में नहीं देखा।

कैलाश विजयवर्गी बोलेबड़ा भावुक खोकर यहां खड़ा हूं
इंदौर-1 से विधायक कैलाश विजयवर्गी बोले कि मैंने आपकी राजनीतिक यात्रा शुरू से देखी, छात्र राजनीति करते थे। आप डबल साइकिल पर बैठाकर ले जाते थे, छात्र राजनीति में सोचा नहीं था कि मंत्री बनेंगे या विधानसभा आएंगे। तब तो यही सपना भी आते थे कि पुलिस पीछे है और डंडे पड़ रहे। आपको इस कुर्सी पर देख कर मैं खुद को भी गौरव महसूस कर रहा हूं,  नई पीढ़ी को बताना चाहता हूं इस कुर्सी के पीछे बैठने में कितना परिश्रम है। यह नरेंद्र सिंह तोमर के जीवन से देख सीख सकते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि आप कई बार पीठ पर हाथ मारते हैं तो लोगों को लगता है शाबाशी मिली। लेकिन जिसको पड़ता है वही जनता है।

कांग्रेस को कैलाश विजयवर्गी की नसीहत
इस दौरान कैलाश विजयवर्गी ने कांग्रेस को नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि विरोध करना पहले पेज पर छपना यह अपनी जगह है, लेकिन सदन कैसे चले यह भी सोचें।

सदन में भूपेंद्र सिंह ने कहा 
आपके व्यक्तित्व को समझना और पढ़ना यह मुझे अवसर मिला है। आपके साथ युवा मोर्चा से लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जब आप थे तब काम करने का, महामंत्री के रूप में मौका मिला आज गरिमामय क्षण है। इस शुभ अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी सदन में मौजूद है

जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर हटाने को लेकर आमनेसामने कांग्रेस बीजेपी
जवाहरलाल नेहरू की तस्वीर हटाने पर प्रोटेम स्पीकर गोपाल भार्गव ने कहा कि जिस दीवार पर तस्वीर लगी थी, उसमें सीलन आ गई थी, इसलिए पंडित नेहरू की तस्वीर हटाई गई थी। इसको लेकर सदन की समिति है, उसमें चर्चा की जाएगी फिर फैसला लिया जाएगा तस्वीर लगाने को लेकर।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने निर्वाचन पर उन्होंने कहा कि मेरी एक कोशिश रहेगी कि मेरी निगाह और नजर हर सदस्य पर रहे। उसका जो हक है उसे मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने नए सदस्यो को सीखने और अध्ययन करने की सलाह दी, वहीं पुराने सदस्यों को नसीहत देते हुए कहा कि वे ये न सोचें की वे सब कुछ सीख गए हैं। वे विद्यार्थी का भाव हमेशा रखें। उन्होंने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे से पूर्व सभी अध्यक्षों ने अनेक मांनदण्ड स्थापित किए हैं। परंपरा स्थापित की है। अपने-अपने कार्यकाल में अपने-अपने ढंग से सदन का गौरव बढ़े इस बात का प्रयत्न किया गया है। अध्यक्ष के रूप में आप सब की निश्चित रूप से मुझसे भी ऐसी अपेक्षा है। मेरी ईमानदार कोशिश होगी कि मैं आपकी अपेक्षा के अनुसार अपने दायित्व का निर्वहन कर सकूं।

सीएम डॉ मोहन यादव ने दी बधाई और शुभकामनाएं
नरेंद्र सिंह तोमर के विधानसभा अध्यक्ष बनने पर शुभकामनाएं देते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने विधानसभा पटल पर कहा कि माननीय नरेंद्र सिंह तोमर जी का व्यक्तित्व मध्यप्रदेश की राजनीति में विशेष है। हर दल और हर व्यक्ति उनके व्यक्तित्व से प्रभावित है। तोमर जी के लंबे राजनीतिक जीवन काल में युवा मोर्चा में मुझे भी साथ में काम करने का अवसर मिला है। तोमर जी ने लंबे प्रशासनिक अनुभव का लाभ हम सबको दिया है। तोमर जी का पूरा जीवन सार्वजनिक सेवा की दृष्टि से समर्पित भाव से लोगों को लेकर चलने वाला है, जो प्रेरणा देता है। श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी ने पार्षद से लेकर केंद्रीय मंत्री तक सभी पदों का  सफलता के साथ निर्वहन करने का अपना एक रिकॉर्ड है।

वहीं, सीएम ने आगे कहा कि मैं इस नाते से भी आपको जानता हूँ कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक अनुशासित समर्पित स्वयंसेवक के नाते अपनी यात्रा का सफर यहां तक पूरा किया है। जब आप भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बने उसमें भी आपका पुरुषार्थ, पराक्रम और विनम्रता कदम-कदम पर झलकती नजर आई है। केंद्र में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री के नाते से किसानों, गरीबों के लिए जो आपने काम किया है वह सदैव सबके हृदय में अपनी अलग छाप बनाकर रखता है। सहज, सरल, अत्यंत विनम्र  इसलिए पक्ष और विपक्ष में समान रूप से आप लोकप्रिय रहे हैं, यह हम सबके लिए सौभाग्य की बात है। मुझे पूरा भरोसा है आपके अध्यक्ष बनने से इस सदन की गरिमा और गौरवान्वित होगी।

यह मध्य प्रदेश का वही सदन है, जहां पंडित कुंजीलाल दुबे से लगाकर वर्तमान के सम्मानित गिरीश गौतम जी पिछले सदन के हमारे निर्वाचित अध्यक्ष थे। हम इस बात के लिए भी आनंदित हैं कि आपके नेतृत्व में अमृत महोत्सव के काल में माननीय प्रधानमंत्री जी का जो स्वप्न है, हमारे लोकतंत्र का है मंदिर और गौरवान्वित होगा। आपके रहते रहते मैं भी अपने दायित्व के साथ आपके ज्ञान का,अनुभव का अपने सदन के सभी सम्मानित सदस्यों के साथ इसका लाभ मिलेगा। हमारे प्रोटेम स्पीकर रहे श्री गोपाल भार्गव जी के प्रति भी विशेष आभार व्यक्त करता हूं जिनके कुशल व्यवहार से शपथ और बाकी निर्वाचन की प्रक्रिया को संपन्न कराया। उनके नेतृत्व में पहले सत्र में शपथ ग्रहण, प्रतिज्ञान आदि महत्वपूर्ण कार्यों का ठीक से संचालन हो सका। मेरी एक बार पुनः आपको शुभकामनाएं हैं हम सब गौरवांवित होंगे आपके सफल संचालन से।

राज्यपाल ने दिया अभिभाषण
इस दौरान राज्यपाल मंगू भाई पटेल का अभिभाषण था जो कि मोदी की गारंटी पर आधारित रहा।  उन्होंने कहा कि जहां से लोगों की गारंटी खत्म होती है  वहां से मोदी की गारंटी शुरू होती है। वहीं राज्यपाल ने अपने अभिभाषण से भारत विकसित संकल्प यात्रा का भी जिक्र किया।

डिप्टी स्पीकर की शुरु हुई बहस 
हेमंत कटारे ने कहा कि हमने विधनसभा अध्यक्ष के चुनाव में विपक्ष के नेता ने समर्थन किया, लेकिन सत्तापक्ष ने इसका धन्यवाद भी नहीं दिया। इस पर प्रोटेम स्पीकर उठे और बोला की उप नेता के चलते आपको अपने व्यवहार में बदलाव लाना चाहिए। आपके पिता के साथ में भी काम किया है। उनका व्यवहार को भी हमने देखा। आप अपने व्यव्हार और कार्यशैली में बदलाव लाएं। कटारे ने तोमर से कहा की विधानसभा में हमें डिप्टी स्पीकर का पद देना चाहिए। अनिरुद्ध मारू ने इस पर आपत्ति लेते हुए कहा कि डिप्टी स्पीकर का पद की मांग के लिए यह समय उचित नहीं है।

नरेंद्र सिंह तोमर का बयान 
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सभी निर्वाचित सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि,हमारा गौरवशाली सदन है। पंडित कुंजीलाल दुबे से लेकर गिरीश गौतम तक लंबी यात्रा रही है और इस लंबी यात्रा में मेरे से पूर्व अध्यक्षों ने अनेक प्रकार के मापदंड स्थापित किए हैं। परंपरा स्थापित की और अपने-अपने कार्यकाल में अपने-अपने ढंग से इस सदन का गौरव बड़े इस बात का प्रयत्न किया। विधानसभा अध्यक्ष के रूप में मेरी निश्चित रूप से इसी प्रकार की अपेक्षा है, इस सदन को चलाने में मेरी ईमानदार कोशिश होगी। मैं आपकी अपेक्षा के अनुसार अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकूंगा। मेरे निर्वाचन के पश्चात विभिन्न माननीय सदस्यों ने मेरे बारे में अपने विचार व्यक्त किया मुझे नहीं पता कि मैं उन विचारों के योग्य हूं अथवा नहीं। लेकिन मैं इतना जरुर जानता हूं कि अगर आपके मन में ऐसे भाव मेरे प्रति है जो आपके द्वारा व्यक्त किया गया है तो मेरी यह जवाब सही है कि मैं उसे भाव का सम्मान कर और उसे निभाने का पूरी कोशिश करो। हम संगठन में काम करें या जनप्रतिनिधि के रूप में काम करें हम सब का उद्देश्य यही होता है कि जन समस्याओं का निराकरण हो राज्य का सर्वांगीण विकास हो और असंतुलित विकास हो।

लोकतंत्र की है खूबसूरती है कि  पक्ष के बिना विपक्ष अधूरा है और पक्ष के बिना विपक्ष। सब अच्छी तरीके से जानते हैं पक्ष और विपक्ष को लोकतंत्र में मजबूती के साथ कदम से कदम मिलाकर करने से कंधा मिलाकर चलना चाहिए। इसी में हम सब लक्ष्य पर मिलकर पहुंच सकते हैं। मुझे यह भी अपेक्षा की गई है कि मैं विपक्ष के सदस्यों को अधिक से अधिक समय दूं सत्ता पक्ष से भी अपेक्षाएं व्यक्त करता हूं। लेकिन मैं इतना जरूर आप सबको कहना चाहता हूं की आसंदी पर रहते हुए मेरी कोशिश यही रहेगी कि मेरी निगाहें और नजर हर सदस्य पर है और जिसे जो हक मिलना चाहिए वह उसे मिले। मुझे प्रसन्नता है, इस विधानसभा में की इस बार कई नए सदस्य चुनकर आए हैं नए सदस्यों को वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग मिले वह उनके सानिध्य में सीख सके, वरिष्ठों को यह जिम्मेदारी लेना चाहिए कि वह सीख सके। सदन की करवाई है। परंपरा है। नियम है। पुराने सदस्य इस बात को भली-भांति जानते हैं।

नए सदस्यों को भी इन नियम प्रक्रियाओं को ज्ञान हो। वह ठीक से अपनी जिम्मेदारियों का सदन के अंदर निर्वहन कर सकें, वरिष्ठ सदस्यों को भी इसकी चिंता रहनी चाहिए। विधनसभा क्षेत्र में जब हम संगठन में काम करें या जनप्रतिनिधि के रूप में काम करें तो मैं अपने अनुभव से आपसे यह आग्रह करना चाहता हूं की राजनीति के क्षेत्र में काम करने वाला व्यक्ति जितना अधिक अध्ययन करेगा उतना अधिक वह सार्थक जीवन व्यतीत कर सके और लोकतंत्र में। अध्ययन का पक्ष ओझल नहीं होना चाहिए। इसलिए हमारे पूर्वजों ने विधानसभा में संदर्भ लाइब्रेरी बनाई है जिसका अध्ययन नए सदस्यों को भी करना चाहिए। नए सदस्य को यह नहीं मानना चाहिए कि वह सब कुछ सीख गए हैं। सभी सदस्यों को अपने जीवन के अंदर विद्यार्थी भाव को हमेशा रखना चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष के भाषण के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने नेहरू के फोटो आसन जी से हटाने की बात की तो इस पर विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने उन्हें राज्यपाल कभी भाषण को लेकर कहा, के भाषण के बाद ही इस पर बात होगी।

राज्यपाल मंगू भाई का भाषण
राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से स्वतंत्र विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं। लोकतंत्र के इस महापर्व की संपूर्ण आहुति के लिए राज्य के सभी सम्माननीय सदस्य, निर्वाचन आयोग, सभी राजनीतिक दल शासन प्रशासन एवं मीडिया को मैं बधाई देता हूं। सभी बधाई के पात्र हैं। मेरी सरकार ने ग्रहण करते ही आजादी के अमृत काल में प्रदेश की 8: 50 करोड़ जनता के लिए विकसित भारत हेतु विकसित मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए नए विजन और नए मिशन पर नई ऊर्जा, अवसर, उल्लास और उमंग के साथ नए संकल्प के साथ काम करना प्रारंभ कर दिया है। सबके साथ सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास प्रधानमंत्री की इस मुहीम को लेकर मध्य प्रदेश को हर क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प 2023 में मेरी सरकार ने लिया है। मध्य प्रदेश में विकसित भारत संकल्प यात्रा नगर निगम गांव गांव तक पहुंच रही है जिसका मध्य प्रदेश की जनता भव्यता के साथ उसका स्वागत कर रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला, पीएम किसान सम्मान योजना जैसी कई योजनाएं विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है। केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं का लाभ देश की जनता को मिल रहा है। हमारी सरकार है किसानों के खाते में 3:30 लाख करोड़ रुपए की ट्रांसफर की गई है।

विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने पर प्रदेश अध्यक्ष ने दी नरेंद्रसिंह तोमर को बधाई
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा एवं प्रदेश संगठन महामंत्री श्री हितानंद जी ने 16वीं विधानसभा का अध्यक्ष चुने जाने पर वरिष्ठ नेता श्री नरेंद्रसिंह तोमर को बधाई दी है। प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि वरिष्ठ नेता श्री नरेंद्रसिंह तोमर का सर्वसम्मति से विधानसभा अध्यक्ष चुना जाना हम सभी पार्टीजनों के लिए अत्यंत प्रसन्नता और गर्व का विषय है। उन्होंने आशा जताई कि श्री तोमर विधानसभा अध्यक्ष के पद पर कार्य करते हुए अपने स्वभाव के अनुरूप सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सामंजस्य स्थापित कर सदन का सुचारू संचालन करेंगे तथा विधायिका की गरिमा और प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई प्रदान करेंगे।

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